चंपावत। पेयजल को लेकर मारामारी थम नहीं रही है। क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में नलों की टोटियां सूख सी गई है। एक दिन छोड़कर मिल रहे पानी की मात्रा भी बेहद कम है। वहीं नौलों और मांडेक्स हैंडपंपों पर निर्भरता बढ़ रही है, मगर यहां कई हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं है तो कई नौले भी जवाब देने लगे हैं।
चंपावत नगर के नजदीक स्टेशन वार्ड का एक नौला सूख गया है। नागरिकों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति नहीं होने पर नौला बेहद मददगार था, लेकिन अब उन्हें 200 मीटर का फासला तय करना पड़ रहा है।
वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि तमाम जल स्रोतों में 75 प्रतिशत से अधिक गिरावट हुई है। संवेदनशील इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति कर हालात को सामान्य बनाया जा रहा है।
लोहाघाट (चंपावत)। कोलीढेक गांव में टुल्लू पंप का प्रयोग किए जाने से अधिकांश लोग पेयजल सुविधा से वंचित हो गए हैं। इस बीच पेयजल योजनाओं का जल स्तर कम होने से गंभीर जल संकट बना है।
उसमें टुल्लू पंप लगने से पानी का प्रेशर ही समाप्त हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता कै.मोहन सिंह ढेक ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कोलीढेक गांव में पेयजल वितरण के समय विद्युत कटौती करने की मांग की है।
कहा कि टुल्लू पंप लगाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने का खामियाजा गांव के अधिकांश लोग भुगत रहे हैं। पेयजल वितरण के समय विद्युत कटौती करने से लोगों को समान रूप से पानी मिल पाएगा। एसडीएम सीएस डोबाल ने उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।