चंपावत/लोहाघाट। पहाड़ में बुधवार से लगातार हुई बारिश से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग चार जगह खतरनाक बना हुआ है। लधिया और रतिया नदी के उफान पर आने से एनएच पर चल्थी के पास बने डायवर्जन टूट गया है। वाहनों की आवाजाही चल्थी पुल से कराई जा रही है। बता दें कि चल्थी पर पुल बनने की वजह से बीते छह माह से आवाजाही डायवर्ट की गई थी। वहीं पुलिस और प्रशासन ने बेहद जरूरी नहीं होने पर ही इस मार्ग से आवाजाही नहीं करने की सलाह दी है। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर है।
बृहस्पतिवार को एनएच पर स्वांला, चल्थी, सिन्याड़ी, सूखीढांग क्षेत्र में रुक-रुक कर पत्थर गिरने से आवाजाही जोखिम भरी बनी है। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि खतरनाक जगह पर जेसीबी लगाए गए हैं। वैसे दोपहर से तीन बार मार्ग पर अवरोध आने से पौने घंटा तक आवाजाही बाधित रही। इधर चंपावत-मंच-तामली, धौन-दियूरी मोटर मार्ग मलबा आने से मार्ग बाधित है। वहीं क्षेत्र में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बारिश से तापमान में भारी गिरावट आ गई है।
खेती के लिए खतरा बनी बारिश
लोहाघाट (चंपावत)। लगातार हो रही भारी बारिश से खेती पर मार पड़ रही है। कृषि वैज्ञानिक भी किसानों के हित में नहीं मान रहे हैं। अलबत्ता बारिश से जंगलों की आग थमने के अलावा जल स्रोतों में इजाफा हो रहा है। एसडीएम आरसी गौतम का कहना है कि अभी तक किसी भी स्थान से नुकसान की सूचनाएं नहीं मिली हैं। लोनिवि के ईई एमसी पलड़िया का कहना है कि बारिश से अभी तक किसी भी सड़क मार्ग के बाधित होने की सूचनाएं नहीं है। बाधित सड़क मार्गों को खोलने के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
चंपावत जिले में बारिश का आंकड़ा
चंपावत 67 मिमी
लोहाघाट 10 मिमी
पाटी 10 मिमी
बनबसा 65 मिमी