चंपावत। जिले के नरसिंहडांडा गांव में नोटिस देने और समझाने के बाद भी जब ग्रामीणों ने कोरोना सैंपलिंग कराने से मना कर दिया तो जिला प्रशासन की टीम को गांव को ऐहतियातन कंटेनमेंट जोन घोषित करना पड़ा। इससे पूर्व गांव में दो बार स्वास्थ्य विभाग की सैंपलिंग टीम गईं थी, पर ग्रामीण सैंपलिंग कराने नहीं पहुंचे।
ग्राम प्रधान कविता देवी ने टीम को यह भी बताया कि गांव में पूर्व में की गई सैंपलिंग में कुल 14 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद प्रशासन की ओर से सभी ग्रामीणों को सैंपल देने के लिए जागरूक किया। कंटेनमेंट घोषित करने गई टीम में तहसीलदार ज्योति धपवाल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली धीरेंद्र कुमार, डॉ. मनीष बिष्ट, राजस्व उप निरीक्षक राजीव मेहरा, नीरज कुमार, दीवान सिंह कुंवर, प्रकाश सिंह कुंवर, रमेश जोशी आदि शामिल रहे।
वीडीओ के अवकाश में जाने से नहीं खर्च हुआ कोविड बजट
चंपावत। नरसिंहडांडा में ग्राम पंचायत अधिकारी (वीडियो) के अवकाश में जाने के कारण कोविड बजट खर्च नहीं हो पा रहा है। ग्राम प्रधान कविता ने बताया की वीडियो को बार-बार फोन करके भी वह फोन नहीं उठा रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी सुरेश बैनी से फोन मे संपर्क करने पर जानकारी मिली कि वीडियो अवकाश में गए हैं। जबकि कोविड काल में किसी भी अधिकारी कर्मचारी को अवकाश देय नहीं है।(संवाद)
संक्रमितों के शव खुले वाहन में ले जाने से रोष
चंपावत। जिला अस्पताल और निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद शवों को खुले वाहन में अंतिम संस्कार के लिए ताड़केश्वर घाट पहुंचाए जाने से स्थानीय ग्रामीण नाराज हैं। उनका कहना है कि शवों को एंबुलेंस के जरिये श्मशान घाट पहुंचाने के बजाए लोनिवि के खुले वाहन से ले जाए जा रहे हैं। इससे आधे शव बाहर की ओर लटक रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा बन गया है। ग्रामीण मुकेश कुमार, जगदीश सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से खुले वाहन में शव नहीं लाने की मांग उठाई है।(संवाद)