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नायब तहसीलदारों के हवाले है पांच तहसीलों का संचालन

Wed, 30 May 2018 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
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लंबे समय से बंद मंच उप तहसील भवन। - फोटो : अमर उजाला
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 जिले की पांच तहसीलों और एक उप तहसील का संचालन नायब तहसीलदारों के सहारे किया जा रहा है। जिले की पांच तहसीलों चंपावत, पाटी, बाराकोट, लोहाघाट और पूर्णागिरि में एक भी पूर्णकालिक तहसीलदार तैनात नहीं है। इन पांचों ही तहसीलों में तदर्थ नियुक्ति के नायब तहसीलदारों को प्रभारी तहसीलदार का दायित्व सौंपा गया है।
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उस पर लोहाघाट की प्रभारी तहसीलदार के अवकाश पर होने के कारण एक तहसीलदार के पास तीन तहसीलों और एक उप तहसील का जिम्मा है। वर्तमान में चंपावत में गोविंद प्रसाद, लोहाधाट में नीतू चावला, पूर्णागिरि में पूनम पंत और पाटी में भगीरथ लखचौड़ा की तहसीलदार पद में तैनाती है। चंपावत के तहसीलदार गोविंद प्रसाद के पास इस समय चंपावत के अलावा लोहाघाट और बाराकोट तहसील के साथ ही मंच तहसील का अतिरिक्त प्रभार है। जिस कारण राजस्व वादों और भूमि संबंधी विभिन्न प्रकरणों के समाधान में दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिले की पांचों तहसीलों और एक उप तहसील में एक भी नायब तहसीलदार की तैनाती नहीं है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा के अनुसार तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों पर तैनाती की मांग शासन को भेजी गई है।  

स्वास्थ्य खराब होने से मांगी वीआरएस की अनुमति
चंपावत। यहां प्रभारी तहसीलदार गोविंद प्रसाद ने स्वास्थ्य गत कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के लिए डीएम से अनुमति मांगी है। डीएम को दिए पत्र में तहसीलदार ने कहा है कि उनकी आयु 58 वर्ष 11 माह हो गई है तथा राजस्व विभाग में उनकी सेवा को 38 वर्ष दो माह का समय हो गया है। उनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2019 को होनी है। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने, याददाश्त और कार्यक्षमता शिथिल होने के कारण वह एक वर्ष पूर्व वीआरएस लेना चाहते हैं।  
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एक दिन भी नहीं खुले सके मंच उप तहसील के किवाड़
चंपावत। जिले में नौ दिसंबर 2016 को अस्तित्व में आई सीमांत मंच उप तहसील के किवाड़ एक दिन भी नहीं खुल सके हैं। दरअसल स्टाफ की तैनाती नहीं होने और मोबाइल नेटवर्किंग की परेशानी के कारण मंच उप तहसील में उद्घाटन के बाद से ही ताला लटका हुआ है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौर में पुल्ला उप तहसील भी अब तक अस्तित्व में नहीं आ सकी है।
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