फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव में प्लांट बनाकर किया मशरूम उत्पादन

विज्ञापन
चंपावत के लेक अमोड़ी में मशरूम उत्पाद के साथ बालक़ृष्ण भट्ट। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। पहाड़ से पलायन रोकने के लिए जिला मुख्यालय के दूरस्थ क्षेत्र कोट अमोड़ी ग्राम सभा के लेक अमोड़ी गांव निवासी बालकृष्ण भट्ट ने मशरूम उद्योग खोला है। इनका मुख्य उद्देश्य पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन एवं यहां के लोगों को रोजगार से जोड़ने का है। इन्होंने इस उद्योग को रोड से करीब तीन किमी की दूरी पर चमतोला गांव में एक प्लांट बनाकर शुरू किया है। उत्पादन के बाद मशरूम को बाजार में बेचा जा रहा है।
विज्ञापन

लेक अमोड़ी गांव निवासी मथुरा दत्त ने बताया कि इससे पूर्व बालकृष्ण एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। काफी साल वहां काम करने के बाद इन्होंने स्वरोजगार के लिए अपने गांव को चुना और मशरूम उत्पादन का फैसला किया। 25 फरवरी से 20 मार्च तक पहली पैदावार हो चुकी है, जिसमें से पहली पैदावार में 50 से 60 किलो फसल पैदा हो चुकी है। बालकृष्ण ने बताया कि मशरूम उगाने के लिए उन्होंने कोई लोन भी नहीं लिया है। मशरूम पैदा करने के लिए उन्होंने अपने निजी खर्च से प्लांट लगाया और उसमें सफलता पाई
चंपावत जिले के सभी स्टेशनों एवं दुकानों में बेचेंगे मशरूम
चंपावत। बालकृष्ण भट्ट ने बताया कि वह मशरूम को यहां से चंपावत के पूरे जिले में डिमांड आने पर सप्लाई किया जाएगा। पहली पैैदावार होते ही लोगों की मांग आने लग गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए होम डिलीवरी का भी प्रावधान किया जाएगा। मार्केट में मशरूम की कीमत 300 रुपये किलो हैै, जबकि यहां मशरूम 150 रुपये किलो बेचा जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें