जल मूल्य को लेकर चंपावत नगर पालिका अध्यक्ष से वार्ता करते सभासद और नागरिक।
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नगर पालिका की ओर से भवन कर मूल्यांकन में संशोधन नहीं किए जाने के कारण नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भवन कर मूल्यांकन में संशोधन नहीं होने से जल संस्थान की ओर से उपभोक्ताओं को जल मूल्य के भारी भरकम बिल थमाए जा रहे हैं। बुधवार को भवन कर मूल्यांकन में संशोधन किए जाने की मांग को लेकर नागरिकों के शिष्टमंडल ने पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी से मुलाकात की।
नागरिकों का कहना था कि पूर्व में विरोध प्रदर्शन के चलते पालिका बोर्ड की बैठक में 70 फीसदी भवन कर मूल्यांकन कम करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। लेकिन पालिका की ओर से अब तक इस प्रस्ताव को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। जिसके चलते नागरिकों को जल संस्थान के भारी भरकम बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना था कि भवन कर की दरों के कारण जल संस्थान की ओर से जल मूल्य पूर्व की तुलना में तिगुना कर दिया है, और जो उपभोक्ता संशोधन के इंतजार में बिल का भुगतान नहीं कर पाए हैं उनके बिलों की ब्याज भी लगाया जा रहा है। पालिकाध्यक्ष से मिलने वालों में भगवत शरण राय, मदन पचौली, सुनील साह, अशोक वर्मा, देवेंद्र वर्मा, लोकमणी पंत, सोबन सिंह डसीला, जगदीश खर्कवाल, लोकेश पुनेठा, सूरज प्रहरी, सभासद अनीता प्रहरी, गिरीश पांडेय, दीपक तड़ागी आदि शामिल रहे।
आज होने वाली बोर्ड बैठक में लिया जाएगा फैसला
चंपावत। नगरपालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी का कहना है कि भवन कर मूल्यांकन में संशोधन किए जाने को लेकर 16 नवंबर को होने वाली पालिका बोर्ड की बैठक में फैसला किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पालिका बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे से पालिका सभागार में होगी।