कोट अमोड़ी में स्कूल की छत उडने से रामलीला मंच में पढ़ाई करते बच्चे।
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प्रदेश में डबल इंजन वाली भाजपा सरकार के राज में छोटे छोटे नौनिहालों की कक्षाएं रामलीला मंच में संचालित की जा रही हैं। यहां बात हो रही है चंपावत जिले के कोट अमोड़ी में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल की। जिले के सबसे पुराने प्राथमिक स्कूल के रूप में वर्ष 1952 में कोट अमोड़ी में स्कूल भवन का निर्माण किया गया था, लेकिन इस वर्ष 22 अप्रैल को आए तेज तूफान के कारण जीर्ण शीर्ण हो चुके स्कूल भवन की छत उड़ गई। तब से स्कूल का संचालन स्कूल से कुछ ही दूरी पर स्थित अमोड़ी के रामलीला मंच में किया जा रहा है।
स्कूल के खुले में संचालित होने के कारण बरसात अथवा मौसम खराब होने पर यहां अध्ययनरत 26 नौनिहालों की छुट्टी हो जाती है। प्रधानाध्यापिका मोनू चंद देउपा, कोट अमोड़ी की ग्राम प्रधान सरस्वती देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्या जीवंती देवी का कहना है कि क्षतिग्रस्त स्कूल में कक्षाओं का संचालन किया जाना काफी जोखिमभरा होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में रामलीला मंच में कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
स्कूल प्रबंध समिति ने पारित किया नए भवन का प्रस्ताव
चंपावत। स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष कृष्ण चंद्र भट्ट के अनुसार प्रबंध समिति की ओर से कोट अमोड़ी स्कूल के लिए नया भवन बनाए जाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया गया है। इस संबंध में प्रबंध समिति की ओर से लगातार डीएम, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक के समक्ष स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृति करने की मांग उठाई जाती रही है।
नए भवन के निर्माण को निदेशालय भेजा गया है प्रस्ताव
चंपावत। जिला शिक्षाधिकारी बेसिक सत्यनारायण का कहना है कि कोट अमोड़ी स्कूल की छत उड़ने के बाद प्रबंध समिति की सिफारिश पर नए स्कूल भवन के निर्माण संबंधी प्रस्ताव मंजूरी के लिए निदेशालय भेजा गया है। जिसकी मंजूरी मिलने पर नए स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा।