राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क में बनलेख और मुड़ियानी के बीच भारी मात्रा में कीचड़ वाहन चालकों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। सड़क चौड़ीकरण के कटिंग कार्य के कारण अब तक जहां राजमार्ग में चलने वाले वाहनों को जगह जगह जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा था। लेकिन अब भारी बरसात के कारण सड़क में कीचड़ से निपटना टेड़ी खीर बना हुआ है।
इसके चलते अधिकांश यात्री वाहन और छोटे वाहन बनलेख से वाया ललुवापानी होते हुए आवागमन कर रहे हैं। जिस कारण उन्हें पांच किलोमीटर से अधिक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि कार्यदायी कंपनियों को सड़क में पानी निकासी की उचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि उनकी ओर से बनलेख से वाया ललुवापानी से वाहन चलाने के संबंध में किसी प्रकार के कोई निर्देश नहीं दिए हैं।
लधिया नदी में रात में खनन करने पर नोटिस जारी
चंपावत। बारहमासी सड़क के निर्माण कार्य में लगी आरजीबी और शिवालया कंपनी की ओर से डंपिंग जोन के लिए दीवार आदि बनाने के लिए चल्थी में लधिया नदी पर खनन की अनुमति दी गई है। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित कंपनियों की ओर से रात्रि में फ्लड लाइट के उजाले में खनन सामग्री एकत्र की जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य को देखते हुए कंपनियों को नदी से खनन की अनुमति तो दी गई है, लेकिन सूर्यास्त के बाद नदी से खनन नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने चल्थी चौकी पुलिस को भी जांच के निर्देश दिए हैं।