कफलांग गांव में लगे ट्यूबवेल से जहां नगर और अन्य संस्थानों की प्यास बुझ रही है, वहीं यहां के ग्रामीण एक एक बूंद पानी के लिए तरसे हुए हैं। इस ट्यूबवेल से जहां जल संस्थान की ओर से विभिन्न वार्डों में टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की जा रही है। वहीं पुलिस, एसएसबी और सेना की इकाईयों को भी पेयजल आपूर्ति की जा रही है। लेकिन ग्राम पंचायत की करीब ढाई हजार की आबादी को गांव में लगे ट्यूबवेल का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने पहले गांव वालों को पेयजल आपूर्ति किए जाने और उसके बाद किसी अन्य को पानी दिए जाने की मांग उठाई है। ऐसा न होने पर ग्रामीणों ने ट्यूबवेल से पेयजल आपूर्ति ठप करने की चेतावनी दी है।
बताते चलें कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों और तोकों को पेयजल सुविधा मिल सके इसके लिए लघु डाल विभाग की ओर से करीब चार साल पूर्व कफलांग में ट्यूबवैल का निर्माण कराया गया था। ग्रामीण प्रकाश राम, विनोद कुमार, जोगा राम, कमला पुनेठा, जीवन राम, विष्णुदत्त, गोविंद पांडेय आदि का कहना है कि ट्यूबवेल निर्माण से पूर्व विभाग की ओर से ग्रामीणों को पानी देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन ट्यूबवेल निर्माण के बाद ग्रामीणों को पानी नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अब पहले जल संस्थान को गांव में पिकअप और टैंकर से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ेगी तब अन्यत्र स्थानों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी। नहीं तो ग्रामीण यहां से पेयजल आपूर्ति नहीं होने देंगे। इस संबंध में जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत का कहना है कि लघु डाल विभाग की ओर से जल संस्थान को पानी दिया जा रहा है। ग्रामीणों को पानी देने अथवा नहीं देने का निर्णय लघु डाल विभाग ही कर सकता है।