13 अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रों में मां पूर्णागिरि धाम की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने विभागों और संस्थाओं की बैठक लेकर व्यवस्थाओं का निर्धारण किया। नवरात्रों पर काली मंदिर से ऊपर न तो कोई मूर्ति लगेगी और न ही व्यावसायिक फोटोग्राफी होगी। ठुलीगाड़ बैरियर से वाहनों का संचालन नियंत्रित होगा और भैरव मंदिर मार्ग पर सिर्फ 25 टैक्सी जीपें चलेंगी।
तहसील में हुई बैठक में मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी और व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय ने बिजली-पानी की समस्या उठाई, जिस पर एसडीएम ने संबंधित विभागों को नवरात्रों से पहले हर हाल में व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी। एडीबी को पूर्णागिरि मार्ग पर किराड़ा नाले के कॉजवे समेत अन्य क्षतिग्रस्त स्थानों पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, परिवहन विभाग को वाहनों की सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में जलसंस्थान, वन विभाग, एडीबी, जिला पंचायत के अधिकारियों के अलावा एआरटीओ रश्मि भट्ट, सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल कमल राम आर्या, उप प्रधान मोहन चंद्र पांडेय, शंकर तिवारी, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता आदि मौजूद थे।
नवरात्रों में गश्त बढ़ाएगा वन विभाग
पूर्णागिरि मार्ग पर वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा नवरात्रों में रात्रि गश्त बढ़ाई जाएगी। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि पूर्णागिरि मार्ग पर इन दिनों वन्यजीवों की अधिक दस्तक होने से खतरा है, जिसे देखते हुए शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को नवरात्रों में नियमित तीन टीमों के अलावा गश्ती दल और बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।