मडलक के भगवती मंदिर से देवीरथ को बगोटी ले जाते ग्रामीण।
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नेपाल सीमा से लगे मडलक में भैय्या दूज के अवसर पर लगने वाले मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेले को लेकर वैष्णवी मंदिर की विशेष सजावट की गई है। 21 अक्तूबर शनिवार को भैय्या दूज के अवसर पर बगोटी, मजपीपल, मडलक और देवीमैत बुंगा से देवी रथ यात्राएं निकलेंगी। भैय्यादूज के अवसर पर होने वाला यह सबसे बड़ा मेला होता है। जिसमें जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के अलावा सीमावर्ती नेपाल क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शिरकत करते हैं।
मेले को भव्य रूप देने के लिए यहां के हर वर्ग के लोग जुटे हुए हैं। मेले के दौरान मजपीपल, मडलक, बगोटी और देवीमैत बुंगा से निकलने वाले डोले आकर्षण का केंद्र होते हैं। मेले को लेकर बगोटी गांव में खासा उत्साह बना हुआ है। मजपीपल देवी मंदिर से ग्रामीण मां भगवती के डोले को बगोटी गांव लाया गया है। भैय्या दूज के दिन इसी डोले में विराजमान होकर मां भगवती मडलक को रवाना करेंगी। मेले की तैयारियों में मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन जोशी, ग्राम प्रधान भुवन भट्ट, डॉ.सतीश पांडेय, शंकरदत्त, पूरन पंत, गणेश बोरा, प्रेम राम, देवी चंद्र, सुभाष कुमार, मनोहर राम, दया कृष्ण, अनिल पांडेय, राजपाल सामंत, भीमदत्त आदि जुटे हुए हैं।