जिले भर में दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। रात भर आसमान रंग बिरंगी रोशनी से गुलजार रहा। देर रात तक आतिशबाजी का दौर जारी रहा। सभी घरों में लक्ष्मी पूजन के साथ ही आतिशबाजी का आनंद उठाया गया। इस दौरान आगजनी की कुछ मामूली घटनाएं सामने आई। अलबत्ता सभी स्थानों में स्थिति सामान्य रही। जिला अस्पताल में दिवाली की आतिशबाजी से चोटिल होने वाला एक भी व्यक्ति नहीं पहुंचा। इस बार भी अधिकांश घरों में मिट्टी के दिए ही जलाए गए। दिवाली पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों विशेषकर बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की गई।
लोहाघाट नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कहीं से भी आगजनी एवं अन्य घटनाएं सामने नहीं आई। हालांकि विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जागरूक लोगों ने पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए कम आतिशबाजी की। सीएमएस डॉ.मंजीत सिंह के अनुसार पटाखों से दो बच्चे मामूली रूप से झुलस गए। जिनका प्राथमिक उपचार किया गया। पाटी, बाराकोट, रीठाखाल, देवीधुरा, पुलहिंडोला, रौंसाल, चौमेल, खेतीखान, बर्दाखान आदि स्थानों में दीपावली का त्योहार उल्लास के साथ मनाया गया।
छह सेे सात लाख के बीच रहा पटाखों का कारोबार
चंपावत। जिले में इस बार भी दिवाली पर आतिशबाजी बाजार काफी ठंडा रहा। गत वर्ष की तुलना में पटाखों की बिक्री में काफी कमी आई। यहां गोरलचौड़ मैदान और लोहाघाट के जवाहर पार्क में लगाए गए पटाखा बाजार में छह से सात लाख रुपये तक पटाखों का कारोबार रहा। इस बार ग्रामीण इलाकों में भी आतिशबाजी की कम बिक्री हुई।
सीमांत तल्लादेश में से मनाई गई दिवाली
चंपावत। जिले के सीमांत तल्लादेश तामली के लोगों के लिए इस बार की दिवाली मोबाइल फोन सेवा की दोहरी खुशी लेकर आई। जिस कारण सीमांत क्षेत्र के तामली, बचकोट, पोलप, रायल, कारी, नाग, कर्ण, कंडोला, बिरमोला, नगछ्यूला आदि गांवों में दिवाली का त्योहार जोशखरोश के साथ मनाया गया।