पाटी (पाटी)। चार किमी गर्सलेख-गरसाड़ी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। एक किमी हिस्से में डेढ़ सौ से अधिक गढ्ढे दुर्घटना का सबब बने हैं। छह माह का समय बीत जाने के बाद भी सड़क पर डामर नहीं किया गया है। इससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। चार किमी लंबी सड़क वर्ष 2005 में स्वीकृत हुई थी। सड़क निर्माण होने के बाद एक बार डामरीकरण किया गया। देखरेख के अभाव में सड़क बदहाल हो गई है। यह सड़क गरसाड़ी, बिगराकोट, रीठा, रमक, मंगलेख समेत नैनीताल जिले के गांवों को जोड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं सुधारी गई तो वह आंदोलन करेंगे। लोनिवि के सहायक अभियंता नंदन प्रसाद ने बताया कि सड़क का प्रस्ताव जिला योजना में रखा गया है। स्वीकृत होने के बाद सड़क का सुधारीकरण किया जाएगा।
चार किमी सड़क के एक किमी हिस्से में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस सड़क पर चलना ग्रामीणों के लिए आसान नहीं है। छह साल बाद भी डामरीकरण नहीं होना लापरवाही है। - भैरव जोशी, प्रधान प्रतिनिधि।
यह सड़क कई गांव की लाइफ लाइन है और नैनीताल जिले की सीमाओं को भी जोड़ती है। सड़क बदहाल होने के कारण आवाजाही आसान नहीं होती है। - धीरज गहतोड़ी, स्थानीय।