फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां मोबाइल टावर है, मगर सिग्नल नहीं

Sun, 27 Dec 2015 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
विज्ञापन
विज्ञापन
लधिया घाटी के कुलियालगांव (चौड़ाकोट वन) में वर्षों पूर्व मोबाइल टावर लगा और टावर भी एक नहीं, तीन मोबाइल कंपनियों के, लेकिन फिर भी यहां के कई गांवों में मोबाइल सिग्नल नहीं आते। नतीजतन क्षेत्र के चार गांवों के हजारों लोग मोबाइल सेवा से कटे हैं।
विज्ञापन


लधिया घाटी के कुलियालगांव में 2008 में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का मोबाइल टावर लगा। इसके अलावा दो निजी कंपनियों की सेवा भी इस टावर से शुरू हुई, मगर टावर लगने के कुछ समय बाद इसका लाभ लोगों को मिलना बंद हो गया। कुलियालगांव के प्रधान महेश राम का कहना है कि इस टावर का फायदा क्षेत्र को अमूमन नहीं मिला। तीन साल से टावर की मशीन काम नहीं कर रही है। यहां तक कि टावर लगे स्थान का किराया भी भूस्वामी पुष्पाल सिंह को लंबे समय से नहीं मिला है।

टावर खराब होने से गैर मछियाड़, साल, तल्ला अमजड़, मल्ला अमजड़ के दो हजार से अधिक लोग फोन सेवा से कटे हैं। वहीं कुलियालगांव में भी अक्सर सिग्नल कमजोर रहते हैं। पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) हयात राम का कहना है कि कुलियालगांव का टावर लधिया के काफी हिस्से को कवर कर सकता था। यहां तक कि चौड़ापित्ता (श्रीरीठा साहिब) का मोबाइल टावर भी समय-समय खराब रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन


दोबारा चलाएं टावर
कुलियालगांव के बंद पड़े टावर को फिर से शुरू कराने की मांग की गई। ग्राम प्रधान महेश राम ने इस संबंध में बीएसएनएल के चेयरमैन कम प्रबंध निदेशक (सीएमडी) और देहरादून को पत्र भेज इस मोबाइल टावर को शुरू कराने की मांग की है।

चौड़ाकोट वन (कुलियालगांव) का मोबाइल टावर कई वर्ष पूर्व खराब हो गया था, इसका मुख्य उपकरण फुंकना था। अब इसे कुछ महीने पूर्व बंद करने का बीएसएनएल द्वारा निर्णय लिया गया है। कुलियालगांव में चौड़ापित्ता के टावर से सिग्नल आते हैं। वहीं टावर वाली जगह का किराया नहीं मिलने की वजह भवन स्वामी द्वारा नया एग्रीमेंट नहीं किया जाना है। एग्रीमेंट करने को कहा गया है। -मनीष पंत, उपखंड अभियंता, बीएसएनएल, लोहाघाट।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें