सूना पड़ा शारदा नदी का डाउन स्ट्रीम खनन क्षेत्र।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में खनन पर हाइकोर्ट की रोक के बाद बुधवार से शारदा खनन भी बंद हो गया है। खनन क्षेत्र में खनन तो दूर श्रमिकों के रहने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। खनन बंद होने से शक्तिमान ट्रकों के पहिये रुक गए हैं।
बागेश्वर निवासी नवीन पंत की जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में हाइकोर्ट ने प्रदेश की सभी नदियों से खनन पर चार माह तक रोक के आदेश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश पर वन निगम की खनन इकाई ने शारदा से भी खनन रोक दिया है। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि हाइकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी और निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से प्राप्त आदेश पर बुधवार से खनन पूर्णरूप से बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि खनन के साथ ही खनन क्षेत्र में श्रमिकों के ठहरने पर रोक लगाई गई है। खनन क्षेत्र में सुबह से ही वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। शारदा के डाउन स्ट्रीम से खनिज निकासी के लिए बुधवार की सुबह भी अन्य दिनों की भांति बैराज गेट के पास ट्रकों की लंबी कतार लगी रही, लेकिन प्रतिबंध का पता लगने के बाद चालक खाली ट्रकों के लेकर लौट गए। इधर खनन बंद होने से जहां खनन क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है, वहीं इस कारोबार से जुड़े करीब ढाई हजार कारोबारी और श्रमिकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो गई है।