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फटेहाल है करोड़पति महकमा

Sun, 25 Oct 2015 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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पहाड़ में शराब के शौकीनों की बढ़ती तादात से आबकारी महकमे की आय का ग्राफ लगातार चढ़ रहा है। विभाग हर साल करोड़ों रुपये राजस्व के रूप में कमाता है, मगर वह खुद फटेहाल है। विभागीय संसाधनों का जबर्दस्त टोटा है। खाली कुर्सियों की भरमार है। अवैध शराब पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी महज एक निरीक्षक के हवाले है। इस सीमावर्ती जिले में शराब के अवैध काम को रोकना कड़ी चुनौती बन रहा है। स्टाफ की कमी से जिले में एक भी स्थान पर बैरियर लगाकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग नहीं हो पा रही है।
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जिले में 7 विदेशी समेत शराब की कुल 16 दुकानें हैं। विभाग को पिछले वित्त वर्ष में इन दुकानों से 23.91 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस वर्ष विभाग को 26.55 करोड़ रुपये से अधिक मिलने की संभावना है। करीब 8 हजार बोतलों की औसतन रोजाना बिक्री हो रही है। सालभर में 130 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री होती है, लेकिन राजकोष को भरने वाले इस महकमे के खुद के हाल खस्ता हैं। विभाग में ज्यादातर पद रिक्त हैं। कुल 17 पदों में से 5 महत्वपूर्ण पद खाली हैं।

पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिलों के अलावा नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले के आबकारी विभाग की बागडोर लचर है। विभागीय मुखिया के अलावा एकमात्र आबकारी निरीक्षक है। बाबुओं में भी दो के बजाय एक ही कुर्सी भरी हुई है। ऊपरी स्तर के पदों का ही नहीं निचले पदों पर भी कर्मियों की तैनाती नहीं हुई है। ये हालात कार्यालय और फील्ड दोनों कार्यों पर मार कर रहे हैं।
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आउटडेटेड वाहन से खिंच रही विभाग की गाड़ी
आबकारी विभाग के पास एक जीप तो है, लेकिन वह है आउटडेटेड। करीब डेढ़ दशक पुराना यह वाहन खुद खटारा हाल में है। क्षमता से अधिक चलने से भी उसकी स्थिति बुरी है। साथ ही विभाग के पास इसे चलाने के लिए विभागीय ड्राइवर भी नहीं है, और इसका स्टीयरिंग संविदा के ड्राइवर के हाथ है।

निरीक्षक का अपना दफ्तर नहीं
जिला आबकारी विभाग का कार्यालय तो स्टाफ की कमी के बावजूद चल रहा है, लेकिन आबकारी निरीक्षक का तो जिले में कार्यालय के नाम पर एक अदद कमरा तक नहीं है। यह दफ्तर शराब कंपनी के गोदाम में चल रहा है। जाहिर है कि कार्यालय नहीं होने पर विभाग का काम कितने प्रभावकारी ढंग से संचालित होगा, समझा जा सकता है।

कार्मिकों की कमी से काम का बोझ बढ़ना लाजमी है। स्टाफ की कमी से दबिश प्रभावित होती है, इसके बावजूद विभाग राजस्व बढ़ाने के साथ ही अवैध शराब की बिक्री पर लगाम कसने के काम में जुटा है। -दीपाली साह, सहायक आबकारी आयुक्त, चंपावत।
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महत्वपूर्ण पद                  स्वीकृत पद        तैनाती
सहायक आबकारी आयुक्त         1                1
आबकारी निरीक्षक                 2                1
आबकारी उप निरीक्षक             2                0
सहायक लेखाकार                  1                0
वाहन चालक                      1                0
कनिष्ठ सहायक                     1               1
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