चंपावत जिला सभागार में मानसून से पूर्व की तैयारी बैठक में मौजूद अधिकारी।
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मानसून से पूर्व जिले की लाइफ लाइन माने वाली टनकपुर-घाट सड़क के चौड़ीकरण के दौरान उभरे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर सूची उपलब्ध कराते हुए खतरे वाले स्थानों पर आपदा कंट्रोल रूम के बेसफोन और मोबाइल नंबर युक्त साइनबोर्ड लगाना सुनिश्चित करें। यह बात सोमवार को जिला सभागार में मानसून से पूर्व तैयारियों की बैठक लेते हुए डीएम रणवीर सिंह चौहान ने एनएच के अभियंताओं से कही।
डीएम ने आपदा प्रबंधन एवं पुलिस विभाग को आपदा से संबंधित उपकरणों का अभ्यास करने और जरूरत के मुताबिक उपकरणों की खरीद के लिए मांग प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चौकन्ना रहने और अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों की दवाएं पर्याप्त मात्रा में सभी सीएचसी, पीएचसी को उपलब्ध कराने, सीवीओ को जानवरों में खुरपका, मुंहपका होने से पूर्व टीकाकरण करने और दवा पर्याप्त मात्रा में स्टोर करने, मानसून से पूर्व सड़कों से मलबा हटाने, आर्मी, आईटीबीपी एवं एसएसबी से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तराई क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियों की स्थापना और राहत शिविर का चयन तत्परता से करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ केएस बिष्ट, उप जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, पीडी एचजी भट्ट, एसटीओ एचपी गंगवार, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीवीओ डॉ. बीएस जंगपांगी समेत आर्मी, एसएसबी, आईटीबीपी, पुलिस आदि विभागों के सभी अधिकारी उपस्थित थे।