पाटी (चंपावत)। देवीधुरा के मां वाराही धाम में रविवार को चंद्रायण पूजन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने दो व्रत को पूरा करने के बाद उद्यापन किया। पूजन सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक चला।
पीठाचार्य पंडित भुवन चंद्र जोशी ने बताया कि मंदिर को गंगाजल, गाय के दूध, गोमूत्र, गोबर से शुद्ध किया गया। महिलाओं ने मां वाराही के नौले से जल लाकर शुद्धिकरण किया। लोग घरों से गोबर, दूध, गोमूत्र, गंगाजल लेकर आए थे। विभिन्न घरों से आए पंचगव्य का चार खाम और सात थोक के हर घर में छिड़काव किया गया। यहां धर्मानंद पुजारी, कीर्तिबल्लभ जोशी, चारों खामों के प्रमुख त्रिलोक सिंह, गंगा सिंह, बद्री सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि थे।
मेले में जारी हैं कारोबारी गतिविधियां
पाटी (चंपावत)। आठ अगस्त से शुरू बगवाल मेले के समापन के बाद भी कारोबारी गतिविधियां जारी हैं। देवीधुरा में बाहर से आने वाले कारोबारी जमे हुए हैं। मुख्य रूप से खिलौने, प्लास्टिक का सामान, बैग, स्टील और लोहे के बर्तनों की दुकानें लगी हैं। देवीधुरा मेले का समापन 19 अगस्त को होगा।
धूनाघाट में भागवत पुराण में उमड़े श्रद्धालु
पाटी (चंपावत)। तल्ला कमलेख धूनाघाट के भूमिया देवता के मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में लोग उमड़ रहे हैं। कथावाचक प्रकाश पांडेय ने भागवत पुराण को लोक कल्याण की सीढ़ी बताया। यजमान महेश बोहरा, चतुर सिंह, पुष्कर सिंह, नारायण सिंह, बहादुर सिंह, मोहन सिंह, भगवान सिंह, भुवन सिंह आदि थे।