बनबसा एसएसबी में आयोजित गोष्ठी में शिरकत करते भारत-नेपाल के अधिकारी।
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अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ एसएसबी ने गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी पर रोकथाम को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गहन मंथन किया गया। गोष्ठी में एसएसबी के अलावा भारत-नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों ने प्रतिभाग किया।
बनबसा स्थित एसएसबी 57वीं वाहिनी की ई कंपनी में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ भारत-नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी पर रोक लगाने को लेकर मंथन किया। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों और कर्मियों ने नशीली दवाओं के प्रयोग से होने वाली हानियों और युवा पीढ़ी पर पड़ रहे प्रभाव पर चर्चा की।
कहा गया कि दिनोंदिन नशीली दवाओं के बढ़ते प्रयोग से दोनों देशों की युवा पीढ़ी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशीली दवाओं की रोकथाम को आवश्यक बताकर समय-समय पर अभियान चलाने का निर्णय लिया।
गोष्ठी का आयोजन एसएसबी 57वीं वाहिनी के कमांडर आनंद सिंह भंडारी (निरीक्षक) ने किया। इस मौके पर नेपाल कस्टम चीफ भीम प्रसाद अधिकारी, बनबसा कस्टम अधीक्षक रविंद्र नाथ वर्मा, निरीक्षक शोहित कुमार, नेपाल एपीएफ एसआई प्रेम सिंह खत्री, नेपाल पुलिस के एसआई पद्म बुड़ा मगर के अलावा जवान मौजूद थे।