बनबसा रेलवे क्रासिंग जहां कटी है यूपीसीएल की भूमिगत केबल।
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रेलवे क्रासिंग पर बिजली केबल कटी होने से क्षेत्र के बड़े हिस्से में सर्किट लंबा होने से लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। फाल्ट आने पर लंबे क्षेत्र में बिजली सुचारु करने में देरी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के नागरिकों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश पनप रहा है।
रेलवे क्रासिंग पर भूमिगत केबल करीब डेढ़ वर्ष पूर्व रेलवे की ब्राडगेज लाइन निर्माण के समय जेसीबी से खुदाई करते हुए कट गई थी। रेलवे और यूपीसीएल इस मामले में लापरवाह बने हुए हैं। यूपीसीएल ने मझगांव, भैंसाझाला, लाटाखल्ला, चंदफार्म, पंपापुर, कैनाल कॉलोनी, मीनाबाजार और अंबेडकर ग्राम फागपुर को एक फीडर से करीब 15 से 18 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनों से जोड़ा है जिससे उक्त क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या बना हुई है।
करीब 18 से 20 हजार की आबादी प्रभावित है। यूपीसीएल के अवर अभियंता प्रवेंद्र सिंह ने बताया कि पहले रेलवे प्रशासन ने केबल बदलना स्वीकार किया लेकिन अब रेलवे के अधिकारी केबल नहीं होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन की लापरवाही के चलते यूपीसीएल की ओर से बनबसा सब स्टेशन से उक्त गांवों को एक साथ जोड़ा गया है जिससे सर्किट लंबा होने से लो वोल्टेज की समस्या पैदा हो रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल ने कहा तीन सप्ताह पूर्व नगर पंचायत के खर्च पर केबल बदलवाने को अनुमति प्रदान करने को लेकर रेलवे प्रशासन को पत्र भेजा था लेकिन रेलवे अधिकारियों ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया है।
यूपीसीएल केबल बदलने को तैयार है जिसके लिए रेलवे के अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अनुमति देने की मांग की गई है। अभी तक रेलवे प्रशासन ने यूपीसीएल को केबल बदलने को लिखित अनुमति नहीं दी है।
राजेश मौर्य, ईई यूपीसीएल (चंपावत)
बनबसा रेलवे क्रासिंग पर बिजली की केबल अंडरग्राउंड कर रेलवे ने यूपीसीएल के सुपुर्द कर दी थी अब केबल बदलने की जिम्मेदारी यूपीसीएल की है। केबल बदलते समय रेलवे प्रशासन यूपीसीएल को ट्रेन क्रासिंग कराने में मदद देने को तैयार है।
एमडी पांडेय, सीनियर सेक्सन इंजीनियर कंसट्रक्शन रेलवे, बरेली।