मंच/चंपावत। जिले के मटकांडा गांव में आजादी के 76 साल बाद बिजली के तार पहुंच गए हैं। इससे ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उन्हें कई सुविधाओं का लाभ मिलेगा। गांव की करीब 300 आबादी बिजली की लाइन देखकर फूले नहीं समा रहे हैं। वहीं कुछ समय पहले ग्वानी गांव में ऊर्जा निगम की ओर बिजली सप्लाई कर दी गई है जिससे वहां के लोगों को काफी सुविधा हो रही है।
मटकांडा गांव में इस समय घरों में कनेक्शन देने का काम चल रहा है। इस काम के पूरा होने के बाद लोगों को घरों में टेलीविजन देखने का मौका मिलेगा और उनके फोन घनघनाएंगे। वहीं बिजली की रोशनी में बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे। पूर्व में ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज कराने के लिए 12 किमी मंच की दौड़ लगानी पड़ती थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस गांव में पहली बार बिजली के तार पहुंच गए हैं। हालांकि अभी तक लोग सौर ऊर्जा की रोशनी में अपने काम कर रहे थे।
लाइनमैन सूरज ने बताया कि मटकांडा में बिजली तार गांव तक पहुंच गए हैं। कनेक्शन का काम पूरा होने के बाद घर रोशन होंगे।बताया कि ग्वानी गांव में कुछ समय पहले ऊर्जा निगम की ओर से बिजली सप्लाई कर दी गई है जिससे ग्रामीणों को काफी सुविधा हो रही है।
इतने दशक बाद बिजली पहुंचने से मोबाइल रिचार्ज होंगे और गांव वालों को टीवी सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। ऊर्जा निगम को जल्द से जल्द कनेक्शन का काम पूराकर बिजली व्यवस्था सुचारु करनी चाहिए। रात रोशन होने का दिन देख रहे हैं। - दीवान राम, स्थानीय मटकांडा।
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आजादी के 76 साल बाद बिजली पहुंचने से इलेक्ट्राॅनिक उपकरणों का लाभ मिलेगा। मोबाइल को चार्ज करने के लिए अब 12 किमी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। बच्चे भी रात में बल्ब की रोशनी में पढ़ाई कर सकेंगे। - शेर सिंह, स्थानीय मटकांडा।