बीते मार्च माह से जिला मुख्यालय में नकदी का संकट बना हुआ है। हालांकि यहां की कैश चेस्ट भारतीय स्टेट बैंक ने नकदी की किल्लत होने के तत्काल बाद भारतीय रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा से दो सौ करोड़ रुपये की मांग की थी। बीते तीन माह में बैंक ने रिजर्व बैंक को नकदी उपलब्ध कराने के लिए कई बार स्मरण पत्र भी भेजे। लंबा समय बीतने के बाद भी बैंक को जरूरत भर की रकम नहीं मिल सकी है। जिस वजह से बैंकों के साथ ही लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी ने बताया कि नकदी का संकट मार्च के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि नकदी संकट से निपटने के लिए रिजर्व बैंक कानपुर से दो सौ करोड़ रुपये की मांग की थी। लेकिन मई माह तक यह रकम बैंक को नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान रिजर्व बैंक को कई बार स्मरण पत्र भी भेजे गए हैं। मुख्य प्रबंधक ने बताया कि नकदी संकट के चलते बैंक को पांच मार्च को पंजाब नेशनल बैंक की हल्द्वानी शाखा से 30 करोड़ रुपये मिले।
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इसके बाद 13 मार्च को पिथौरागढ़ से 14.60 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई। दस अप्रैल को एसबीआई की टनकपुर शाखा से मिली 3.50 करोड़ की धनराशि से काम चलाया। काफी कोशिशों के बाद पिथौरागढ़ शाखा से 17 अप्रैल को 12 करोड़ और 15 मई को एक करोड़ रुपये की धनराशि मिली। जिससे बैंक ने जैसे तैसे काम चलाया। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह तक बैंक को पर्याप्त धनराशि मिलने की उम्मीद है। इस बावत हल्द्वानी के जनरल बैंकिंग के मुख्य प्रबंधक से आश्वासन मिला है। आरबीआई कानपुर की शाखा से दो सौ करोड़ रुपये की मांग के लिए कई बार पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन अब तक धनराशि नहीं मिल सकी है।
एटीएम खाली होने से परेशान रहे लोग
चंपावत/लोहाघाट। रविवार को भी जिला मुख्यालय के अलावा लोहाघाट के अधिकतर एटीएम खाली रहे। जिस वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय में 14 एटीएम में से कैनरा बैंक में ही नकदी थी। लेकिन सर्वर में दिक्कत के चलते ये एटीएम भी रुक- रुक कर चल रहा था। इसके अलावा लोहाघाट में बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के एक-एक और एसबीआई के तीनों एटीएम में नकदी नहीं होने से खाली रहे।