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प्रस्तावित पर्यटन ग्रिड में शामिल होने से छूटे स्वामी विवेकानंद से जुड़े कई स्थल

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जिले में स्वामी विवेकानंद से जुड़े स्थलों को पर्यटन ग्रिड से जोड़ने की कवायद चल रही है, लेकिन पिछले माह पर्यटन निदेशालय की ओर से तैयार कार्ययोजना में चंपावत जिले में स्वामी विवेकानंद से जुड़े कई स्थल शामिल होने से छूट गए हैं। इनमें चंपावत जिला मुख्यालय, दियूरी स्थित जिला पंचायत का डाक बंगला और श्यामलाताल आश्रम शामिल हैं। इन तीनों ही स्थानों पर स्वामी विवेकानंद ने अपनी कुमाऊं यात्रा के दौरान प्रवास किया था। स्वामी विवेकानंद के प्रवास का प्रमुख पड़ाव रहे टनकपुर को भी प्रस्तावित ग्रिड में शामिल नहीं किया गया है। इससे स्वामी विवेकानंद के अनुयायियों में मायूसी है।
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पर्यटन विभाग की ओर से इस वर्ष स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन (12 जनवरी) पर स्वामी विवेकानंद की ओर से वर्ष 1901 में की गई कुमाऊं यात्रा से जुड़े स्थलों को पर्यटन ग्रिड में शामिल करने की कार्ययोजना मंजूर की गई है। इसमें चंपावत जिले की सीमा से लगने वाले मौरनौला समेत धूनाघाट और अद्वैत आश्रम मायावती को शामिल किया गया है, लेकिन चंपावत जिले में स्वामी विवेकानंद के कुमाऊं प्रवास से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थलों को कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया है। इतिहासकार देवेंद्र ओली ने बताया कि जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत का डाक बंगला और दियूरी स्थित डाक बंगले के साथ ही श्यामलाताल झील के किनारे श्री राम कृष्ण मिशन की ओर से स्थापित श्यामलाताल आश्रम जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को कार्ययोजना में नहीं रखा गया है। टनकपुर भी कार्ययोजना में नहीं है, जबकि स्वामी विवेकानंद ने टनकपुर से रेल यात्रा कर कुमाऊं यात्रा का समापन किया था।

मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में शामिल होंगे छूटे स्थल
चंपावत। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट के अनुसार स्वामी विवेकानंद पर्यटन ग्रिड की कार्ययोजना मुख्यालय स्तर से बनाई गई है। जिले में स्वामी विवेकानंद से जुड़े ऐसे स्थल जो किन्हीं कारणों से पर्यटन ग्रिड में शामिल होने से छूट गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में शामिल कर वहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। 
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