टनकपुर में मानसरोवर यात्रियों के ठहरने के लिए सजा केएवमीएन का टीआरसी। स्त्रोत: विभाग
टनकपुर (चंपावत)। मानसरोवर यात्रा की टनकपुर से शुरुआत से क्षेत्र के सनातनियों में उत्साह है। बृहस्पतिवार शाम तक दिल्ली से पहला दल टीआरसी पहुंचेगा। 50-50 यात्रियों के पांच दल टनकपुर से आगे बढ़ेंगे। इन दलों का देवभूमि के पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत होगा। यात्री भोजन में देवभूमि के व्यंजनों का स्वाद लेंंगे। मैन्यू में पहाड़ के गहत की दाल, खीरे का रायता, आलू के गुटके, झिंगोरे की खीर परोसी जाएगी।
केएमवीएन के टीआरसी के मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि चार जुलाई की सुबह दिल्ली से चलकर शाम तक 50 यात्रियों का पहला दल टनकपुर पहुंचेगा। इसके बाद दूसरा दल आठ, तीसरा 12 जुलाई, चौथा दल चार अगस्त और पांचवां दल आठ अगस्त को टीआरसी पहुंचेगा। 50-50 के पांच दलों में कुल 250 यात्री आ रहे हैं। सभी दल एक रात रुक कर आगे बढ़ेंगे।
इनके भोजन का मौखिक मैन्यू आ गया है। इसमें रात को देवभूमि की प्रमुख गहत की दाल का स्वाद ले सकेंगे। जीरा राइस, पहाड़ी खीरे का रायता, झिंगोरे की खीर रहेगी। अगले दिन सुबह के नाश्ते में इडली, सांबर दाल, आलू के गुटके आदि भी शामिल हैं। नाश्ते, डिनर के साथ सभी व्यंजन पूर्ण रूप से सात्विक होंगे। उनमें प्याज और लहसुन का प्रयोग भी नहीं होगा। टीआरसी मानसरोवर यात्रियों के स्वागत के लिए सज गया है।