ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बस सेवा का संचालन नहीं होने से टैक्सी चालक नियमों की धज्जियां उड़ाकर वाहनों में सवारियों को ठूंस-ठूंस कर ले जा रहे हैं। इन पर पुलिस प्रशासन की कोई नजर नहीं पड़ती है। हालात यह है कि 10 सीटों के लिए स्वीकृत मैक्स के भीतर 18 से 20 यात्रियों को भरा जा रहा है, रही सही कसर वाहन चालक यात्रियों को छत पर बैठा कर पूरी कर रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
लोहाघाट बाजार से होते हुए डिग्री कॉलेज-गंगनौला सड़क पर वाहनों का संचालन कम होता है, इस कारण जो भी वाहन चालक वहां वाहन चलाता है, उसकी पूरी मनमानी चलती है। इस मार्ग पर कोयाटी, भुमलाई, ईड़ाकोट, गल्लागांव, नसखोला, गंगनौला आदि गांवों के लोग सफर करते हैं। मार्ग पर इक्का-दुक्का वाहनों का संचालन होने से यात्री मजबूरन इन वाहनों पर बैठने को मजबूर होते हैं। पुलिस-प्रशासन के कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से वाहन चालक नियम कानूनों से खिलवाड़ कर सवारियां ढो रहे हैं और लोगों की जान आफत में डाल रहे हैं।