लधिया घाटी क्षेत्र के लोगों ने क्षेत्र के विकास के लिए आवाज उठाई है। श्री रीठा साहिब में हुई बैठक में चौड़ापित्ता में उप तहसील बनाने की मांग की गई। कहा कि छोटी प्रशासनिक इकाई से लोगों को अनावश्यक पाटी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वर्तमान में स्थानीय लोगों को तहसील के कार्यों के लिए 50 किमी दूर पाटी की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीणों ने लधिया घाटी और नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक की उपेक्षित ग्राम पंचायतों को मिलाकर अलग ब्लॉक बनाने की भी वकालत की।
ग्रामीणों ने कहा चौड़ा मेहता नाम से स्वीकृत हैलीपैड को किसी अन्य स्थान पर नहीं बनाया जाए, कम बारिश के चलते बर्बाद होती फसल को देखते हुए इलाके को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए, उच्च शिक्षा के लिए डिग्री कॉलेज की स्थापना, पीएचसी चौड़ामेहता का उच्चीकरण सीएचसी में किया जाए, टांण राजकीय एलोपैथिक अस्पताल को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चौड़ामेहता और चौड़ापित्ता के बीच लधिया नदी पर झूल पुल निर्माण, जंगली जानवरों से निजात दिलाने के लिए ताड़बाड़ों का निर्माण करने के प्रस्ताव रखे गए।
बैठक में चौड़ामेहता के जयदत्त जोशी, त्रिलोक बोहरा, खीमानंद गड़कोटी, जगत सिह बगौटी, हरीश बोहरा, महेश राम, उत्तम सिंह परवाल, मदन परवाल, दिनेश चंद्र, मोहन सिंह मेहता, भागीरथी गड़कोटी, तुलसी देवी, पुष्कर बगौटी, चंपा परवाल, महेश राम, पुष्पा बोहरा, माधवी देवी, शेरनाथ, भावना देवी, मीना देवी गिरि, हेमा, मुन्नी बिनवाल, मोहन बगौटी, नारायण बिष्ट, नवीन चंद्र, कुंदन सिंह, केएन बिनवाल, सावित्री देवी, माधवी देवी आदि मौजूद थे।