पीपीपी मोड में संचालित अस्पताल के डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की हड़ताल 17वें दिन भी जारी है। उधर विवादास्पद यूनिट हेड रवि सिन्हा चुपचाप खिसक गए हैं। शनिवार को हड़ताली डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की सीएमओ डा.विनोद टोलिया से वार्ता हुई। उनका कहना था कि यूनिट हेड रवि सिन्हा की उपस्थिति कर्मचारियों और रोगियों के हित में नहीं है। उन्हें यहां से हटाए जाने से वे तत्काल काम पर लौट आएंगे।
सीएमओ ने उनकी भावनाओं को शील प्रबंधन तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस पर कर्मचारियों ने सोमवार 18 जनवरी से काम पर लौटने पर सहमति जताई है। कर्मचारियों का आरोप था कि प्रबंधन की ओर से उन्हें होली के गिफ्ट नहीं दिए गए। नियुक्ति के समय फार्मेसिस्ट, एएनएम, लैब टेक्नीशियन को आठ हजार रुपये पर नियुक्त किया गया। एक साल बाद इन्हें 7040 रुपये देकर यह कहकर दिया जाने लगा कि उनके पीएफ में शेष राशि जमा की जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी कर्मचारी को पीएफ की राशि का कोई ब्यौरा नहीं दिया जा रहा है। दो वर्षों से कोई वेतनवृद्धि नहीं हुई है। सीएमओ से वार्ता करने वालों में डा.अरुण मिश्रा, स्थानीय प्रबंधक आरपी जोशी, मनोज जोशी, संजीव जोशी, दीपक जोशी, अनिल, त्रिलोक, केदार, संदीप, राहुल, संजय आदि शामिल थे।
उपहार किसे दें, किसे न दें
शील प्रबंधन की ओर से गत वर्ष होली के दौरान दिए गए 45 उपहारों में से केवल आठ उपहार को डा.सिन्हा शनिवार को जाने से पहले सीएमएस डा.मंजीत सिंह को दे गए हैं। अब सीएमएस के सामने समस्या आ गई है कि वे इन उपहारों को किसको दें और किसको न दें। कर्मचारी नेता संजीव जोशी का कहना है कि यदि उपहार आए होंगे तो सभी के लिए होंगे। आधे अधूरे उपहारों को वे स्वीकार नहीं करेंगे।
विद्यार्थी परिषद ने फूंका स्वास्थ्य मंत्री का पुतला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सरकारी अस्पताल को पीपीपी मोड में देने के बाद यहां की चरमरा चुकी व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंका। छात्र नेता इंदर ढेक, दीपक फर्त्याल के नेतृत्व में आए छात्रों का कहना था कि अस्पताल को पीपीपी मोड में देने के बाद यहां लोगों की अकाल मौतें होने के साथ ही यहां भर्ती होने वाले रोगियों का जीवन सुरक्षित नहीं है। अव्यवस्थाओं के चलते कभी नागरिकों तो कभी डॉक्टरों एवं अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ के आंदोलनों को अनदेखा किया जा रहा है। छात्रों ने पीपीपी मोड की व्यवस्था तत्काल समाप्त करने या व्यवस्था में सुधार न किए जाने पर राज्य व्यापी आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। पुतला फूंकने वालों में अजय फर्त्याल, मयंक गहतोड़ी, दीपक देव, रिंकू बोहरा, अमित फर्त्याल, गौरव कापड़ी, सुमित देव, चंचल माहरा, संदीप पंत, अजय मेहरा आदि छात्र शामिल थे।