बारिश नहीं होने से शारदा का जल स्तर कम होने लगा है, जिसका असर जहां यूपी में सिंचाई पर पड़ रहा है, वहीं लोहियाहेड और एनएचपीसी के पावरस्टेशन का विद्युत उत्पादन भी घटा है। नदी का जलस्तर मध्य अप्रैल के बाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
इन दिनों शारदा का जलस्तर काफी कम हो गया है। बरसात में शारदा में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रतिवर्ष बैराज पर 15 जून से 15 अक्तूबर तक रेड अलर्ट रहता है। शनिवार को नदी का जलस्तर 4728 क्यूसेक पहुंच गया, जबकि दिसंबर में साढ़े पांच हजार क्यूसेक के करीब था। नदी में कम पानी प्रवाहित होने से लोहियाहेड पावर हाउस में करीब 9 मेगावाट विद्युत बन रही है, जो बरसात में 26 मेगावाट थी। टनकपुर पावर हाउस में अक्तूबर तक 98 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था, जबकि इन दिनों 32 मेगावाट ही विद्युत तैयार हो रही है।
शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि 15 जून के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद विद्युत उत्पादन भी बढ़ेगा। बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव के मुताबिक शारदा में अप्रैल के बाद जलस्तर बढ़ना शुरू होगा। उन्होंने बताया कि काली नदी के जमने से पिछले वर्ष जनवरी में जलस्तर 2915 क्यूसेक हो गया था, जबकि जनवरी 2014 में 3738 क्यूसेक पानी बह रहा था। शारदा नहर में भी कम पानी प्रवाहित होने से यूपी में सिंचाई प्रभावित होती है।