गुमदेश के चौखाम बाबा मंदिर में पूजा अर्चना करते मुख्य पुजारी व डांगर।
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लोहाघाट(चंपावत)। कोरोना संक्रमण को देखते हुए गुमदेश के चैतोला मेले में इस बार भगवान चमू देवता की रथ यात्रा नहीं निकल पाई। न ही क्षेत्र के किसी गांव से जत्थे निकले।
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए घरों से बाहर नहीं निकले। मंदिर के पुजारी और देव डांगरों ने चमू देवता की पूजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख, समृद्धि, शांति के साथ इस भयावह कोरोना वायरस से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। शुक्रवार को पुजारी लक्ष्मण सिंह, चमू के धामी जगत सिंह, लाटा के धामी जोगा सिंह धौनी, भराड़ा के धामी तारा सिंह धौनी ने चमदेवल स्थित चौखामा बाबा मंदिर में पूजा अर्चना की। मेला समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह पाटनी ने बताया कि कोरोना वायरस को देखते हुए लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाने की अपील की गई है। संवाद
मंदिर में लोगों के आवागमन पर रोक लगाई
लोहाघाट (चंपावत)। चैतोला मेले में लोगों की भीड़ एकत्र न हो इसके लिए पुलिस की ओर से व्यापक बंदोबस्त किया गया था। पंचेश्वर कोतवाली प्रभारी अनुराग सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल चैतोला मेला प्रांगण में मोर्चा संभाले हुए था। इस दौरान मंदिर में लोगों के आवागमन में सख्ती से रोक लगाई गई थी। प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने लॉकडाउन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए मंदिर में पूजा अर्चना कर अपने पूर्वजों की परंपरा को निभाया गया।