आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद रोडवेज लोहाघाट डिपो को 20 नए टायर मिलने से लंबे समय से खड़ी कुछ बसों का संचालन शुरू हो गया है। टायरों के अभाव में अभी भी 12 बसें खड़ी हुई हैं। बसों का संचालन होने से लोगों और कुछ आउटसोर्स कर्मियों को ड्यूटी मिलने से राहत की सांस ली है।
मालूम हो कि करीब 20 दिनों से टायरों के अभाव के चलते 19 बसें डिपो के छमनियां स्थित वर्कशॉप में खड़ी हो गई थी। बसों का संचालन न होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लोग प्राइवेट वाहनों में अधिक किराया देकर जाने को मजबूर हो रहे थे।
फॉरमेन दीपक सिंह ने बताया कि मंगलवार को डिपो को 20 नए टायर मिले हैं। इनमें से सात खड़ी बसों के टायर बदलने के अलावा कुछ ऑन रूट बसों के टायर बदली किए गए हैं। जबकि 12 बसें अभी खड़ी हैं। रोडवेज के एजीएम मोहम्मद नसीर का कहना है कि उनकी ओर से लगातार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। शीघ्र ही और टायर मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद सभी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। एजीएम ने बताया कि डिपो की आठ बसें चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं। जिनमें से तीन बसें सोमवार को रवाना हो चुकी हैं, शेष पांच बसें बुधवार सुबह रवाना होंगी।
विभिन्न रूटों पर किया गया बसों का संचालन
मंगलवार को धारचूला-दिल्ली के लिए एक, लोहाघाट-देहरादून के लिए तीन, लोहाघाट-दिल्ली के लिए पांच, लोहाघाट-हल्द्वानी और लोहाघाट ऋषिकेश के लिए एक-एक बसों का संचालन किया गया। इन रूटों में बसों का संचालन होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
नहीं हो पाया कई अन्य बस सेवाओं का संचालन
टायरों की कमी के चलते लोहाघाट-बरेली, लोहाघाट-रुद्रपुर, लोहाघाट-रुड़की, टनकपुर-काशीपुर, टनकपुर-हरिद्वार, टनकपुर-बरेली बस सेवाओं का संचालन नहीं हो पाया। बसों का संचालन न होने से लोगों को काफी फजीहतों का सामना करना पड़ा।