जिला अस्पताल में बंद पड़ा शौचालय
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पानी की किल्लत ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके चलते अस्पताल के शौचालयों तक में ताले लटकने की नौबत आ गई है। इस वजह से भर्ती मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
पेयजल की समस्या यहां मरीजों पर भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल की लाइन में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है। मई में गर्मी की तपिश के चलते अस्पताल में पेयजल की आपूर्ति हर रोज नहीं हो पा रही है। अस्पताल में जो पानी मिल भी रहा, उससे अस्पताल की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। पानी की किल्लत की वजह से सबसे अधिक मार अस्पताल की साफ-सफाई पर पड़ रही है। पानी की समस्या से आपात कालीन चिकित्सा में बने महिला और पुरुष दोनों शौचालयों में ताले लटक गए हैं। भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना पांच हजार लीटर पानी की जरूरत होती है। साफ-सफाई, प्रसव, प्रयोगशाला में मरीजों की तमाम जांच और स्लाइड आदि पानी की जरूरत होती है। पानी की कमी को देखते हुए जल संस्थान से टैंकर के जरिए पानी की आपूर्ति करने का आग्रह किया गया है उनका का कहना है कि पानी की कमी की वजह से शौचालय को बंद किया गया है। सुबह-शाम और मरीजों की जरूरत के हिसाब से खोला जा रहा है।
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जल स्रोत में कमी की वजह से पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिला अस्पताल में किल्लत को देखते हुए एक दिन छोड़कर टैंकर से छह हजार लीटर पानी दिया जा रहा है।
एसएस थापा कनिष्ठ अभियंता, जल संस्थान, चंपावत।