बनबसा (चंपावत)। वर्ष 2006 में स्थापित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं की संख्या आखिर बढ़े भी तो कैसे। कक्षा नौवीं से संचालित होने वाले जीजीआईसी में डेढ़ दशक बाद भी कक्षाएं छठी से संचालित नहीं हो सकीं हैं। मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री की घोषणा के बावजूद शासनादेश न होना इसका कारण बताया जा रहा है। कई असुविधाओं व समस्याओं से भी विद्यालय जूझ रहा है। विद्यालय में कक्षा कक्षों की कमी सबसे बड़ी समस्या है।
असुविधाओं के बीच संचालित हो रहे जीजीआईसी में छात्राओं की शिक्षा अन्य स्कूलों की अपेक्षा कहीं बेहतर है। यहां हाईस्कूल एवं इंटर का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। वहीं मेधावी छात्राओं की संख्या भी अधिक रही है। विद्यालय मात्र पांच कक्षों में संचालित हो रहा है। इसमें एक कक्ष कार्यालय और एक वर्चुअल के लिए है। छात्रा संख्या करीब सवा सौ के लगभग रहती है। इस वर्ष अभी 100 छात्राओं ने प्रवेश ले लिया है। प्रधानाचार्या मीना शुक्ला ने बताया कि अभी प्रवेश चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल नौवीं कक्षा से संचालित है। कक्षा छह से स्कूल संचालित होने पर स्कूल में छात्रा संख्या बढ़ेगी। इस स्कूल में कला, विज्ञान, गृहविज्ञान की भी कक्षाएं संचालित होती हैं। स्कूल में सुविधाएं जुट जाने से यहां छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। स्कूल में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के लिए हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीतिशास्त्र, गृहविज्ञान, भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान की कक्षाएं संचालित होती हैं। सभी विषयों की शिक्षिकाएं हैं लेकिन अंग्रेजी और जीवविज्ञान में व्यवस्था के तहत रखी शिक्षिकाएं पढ़ा रही हैं। कार्यवाहक शिक्षाधिकारी भानुप्रताप कुशवाह ने बताया कि शासनादेश के न मिलने से कक्षा छह से कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रहीं हैं।