हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज में बाघ ने एक और महिला को निवाला बना लिया। नयागोठ गांव की यह महिला पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गई थी। मृतका पर बाघ का हमला होते ही उसके साथ गई दूसरी महिला ने भागकर किसी तरह जान बचाई और गांव में पहुंच लोगों को घटना की जानकारी दी। घटना पूर्णागिरि मार्ग से करीब एक किमी. दूर जंगल की है, जबकि मृतका का शव घटना स्थल से भी करीब पांच सौ मीटर दूर बरामद हुआ।
पुलिस व वन कर्मियों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इधर बाघ के लगातार हमले से लोगों में खासा आक्रोश बना हुआ है। पूर्णागिरि मार्ग में स्थित नयागोठ गांव निवासी पूर्व सैनिक हवलदार मोहन सिंह की पत्नी हेमा देवी (45) पड़ोसी महिला पार्वती देवी के साथ बुधवार की दोपहर पशुओं के लिए चारा लेने वन निगम के प्रकाष्ठ डिपो संख्या तीन से लगे शारदा रेंज के ककराली वीट के जंगल में गई थी।
वे चारा काट रहे थे कि अचानक बाघ ने हेमा देवी पर हमला कर दिया। उसकी चीख सुनकर पार्वती को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ तो वह भागकर गांव पहुंची और घटना के बारे में लोगों को बताया। पार्वती ने बताया कि चारा काटते हुए हेमा उससे कुछ आगे चली गई थी। कुछ देर बाद उसकी चीख सुनाई पड़ी। चीख सुनकर वह भाग आई। घटना का पता चलते ही गांव में हड़कंप मच गया।
शारदा रेंज के वीट अधिकारी कैलाश सिंह के नेेतृत्व में वन कर्मी व गांव के युवक पार्वती को साथ लेकर महिला खोज करने जंगल गए तो घटना स्थल से करीब पांच सौ मीटर घने जंगल मेें खून से लथपथ हेमा शव पड़ा मिला। मृतका की गर्दन पर बाघ के दांतों के गहरे घाव थे।
कोतवाल अरुण कुमार वर्मा व शारदा रेंज के उप प्रभागीय वनाधिकारी राजेश श्रीवास्तव के पहुंचने के बाद मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए टनकपुर संयुक्त चिकित्सालय में भेजा गया है। मृतका का परिवार मूल रूप से बागेश्वर जिले के सौराग गांव का रहने वाला है, जो अब यहां नयागोठ गांव में स्थायी रूप से रह रहा है।