फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Champawat News: एनएचपीसी की पावर चैनल में आठ जगह रिसाव, ग्रामीण भयभीत

Wed, 31 Jan 2024 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
विज्ञापन
एनएचपीसी की पावर चैनल के पास सुरक्षा कार्य के तैनात कर्मी। संवाद
विज्ञापन
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी की पावर चैनल में सैलानीगोठ नई बस्ती के पास अचानक आठ जगह पर रिसाव हो गया। रिसाव का पानी गांव के मार्ग तक आ गया। इससे क्षेत्र के लोग भयभीत हो गए और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना एनएचपीसी को दी। अधिकारियों ने मौका मुआयना कर पावर चैनल नहर का लेवल कम कराया और सुरक्षा के उपाय शुरू किए। शाम तक रिसाव नियंत्रण में था। एनएचपीसी प्रशासन पावर चैनल से हो रहे रिसाव की जांच को गोताखोर बुलाए गए हैं।
विज्ञापन

बुधवार सुबह करीब 6:45 बजे सैलानीगोठ नई बस्ती के पास एनएचपीसी की पावर चैनल में कुछ ग्रामीणों को गांव की ओर रिसाव नजर आया। यह रिसाव ग्रामीण केशर सिंह, बंशीधर राय और गणेश राय के घर के पास हो रहा था। कुछ जागरूक ग्रामीणों ने इसकी सूचना एनएचपीसी अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही एनएचपीसी प्रबंधन में खलबली मच गई। तत्काल जीएम राजिल व्यास टीम के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने पावर चैनल के पानी का लेवल कम करा दिया।
जीएम ने बताया कि रिसाव वाली जगह से पांच लीटर प्रति घंटे के हिसाब से पानी रिस रहा था। फिलहाल लेवल कम कराकर रिसाव को रोका गया है। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को मरम्मत के निर्देश दिए। एनएचपीसी की ओर से निगरानी के लिए लाइट की व्यवस्था की गई है। ग्राम प्रधान रमीला आर्य और समाजसेवी हरीश प्रसाद ने बताया कि सुबह रिसाव नजर आने पर सूचना दी गई थी। पावर चैनल में आठ जगह गांव की तरफ रिसाव होने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। उन्होंने एनएचपीसी प्रबंधन से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

इधर एनएचपीसी के जीएम ने बताया कि तात्कालिक उपाय अपनाए गए हैं जिससे धीरे-धीरे रिसाव कम हुआ है लेकिन जल्द ही गोताखोर बुलाकर रिसाव वाली जगह और कारणों का पता लगाकर रिसाव का पूर्ण रूप से ट्रीटमेंट कराया जाएगा। उन्होंने पावर चैनल किनारे निवास करने वाले ग्रामीणों से भयभीत नहीं होने की अपील की है। खबर लिखे जाने तक एनएचपीसी प्रबंधन रिसाव की निगरानी में जुटा हुआ था। बता दें कि इन दिनों नदी में पानी कम होने के कारण एक टरबाइन चलाकर ही विद्युत उत्पादन किया जा रहा है।

पहले भी हुआ एनएचपीसी पावर चैनल में रिसाव

बनबसा (चंपावत)। बनबसा एनएचपीसी की पावर चैनल पूर्व में भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। 20 जनवरी 2006 में पैकेज फोर में ग्राम फागपुर की ओर पानी का रिसाव हुआ था। इससे पूर्व एनएचपीसी ने 12 जनवरी 2006 को 452 मिलियन यूनिट का देय विद्युत उत्पादन लक्ष्य पूरा कर लिया था। इसके बाद फिर 30 जनवरी को पैकेज फोर में ही दूसरी जगह रिसाव हुआ। इसके निर्माण के बाद नौ फरवरी 2006 से उत्पादन शुरू हुआ। फिर 14 मार्च 2006 को पावर चैनल में रिसाव हुआ। बार-बार होने वाले रिसाव को बंद करने को लेकर 25 जनवरी 2008 में रिसाव वाले करीब 400 मीटर क्षेत्र में इटली निर्मित जीओ मेंबरेन शीट बिछाने का कार्य किया गया। इसके लिए पावर चैनल को पूरी तरह बंद कर उत्पादन भी बंद किया गया था। कोरिया की कंपनी ने जिओ मेंबरेन शीट बिछाने का काम किया था। करीब 40 दिनों तक बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन का बिजली उत्पादन ठप रहा था और 7 मार्च 2008 से यहां बिजली फिर से बनने लगी। मार्च 2008 के बाद से एनएचपीसी की पावर चैनल में बुधवार 31 जनवरी 2024 को 16 वर्ष बाद रिसाव हुआ है।


रिसाव के लिए टोपोग्राफी से जुड़े कई कारण होते हैं जिम्मेदार

बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी की पावर चैनल में रिसाव का कारण बताते हुए एक विशेषज्ञ ने बताया कि जमीन की बनावट (टोपोग्राफी) के कारण कई बार पावर चैनल में रिसाव होता है। एनएचपीसी की पावर चैनल जमीन से ऊंची होने से पुरानी जड़ें आदि के लंबे समय बाद सड़ने से वहां जमीन पर गड्ढा होने से जमीन का धंसाव होने से पानी रिसने की आशंका बढ़ जाती है। बताया गया है कई बार नेवला, खरगोश, बड़े चूहे और शाही आदि के बिल बना देने से भी पावर चैनल में रिसाव की आशंका रहती है। एनएचपीसी प्रशासन ने बताया कि रिसाव का वास्तविक कारण जांच के बाद ही पता चल सकेगा। संवाद
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें