चंपावत। जिले के लधियाघाटी क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है। वैज्ञानिकों की ओर से किए गए पहले चरण में किए गए भूगर्भीय सर्वेक्षण में घाटी क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के मिलने की संभावना जताई गई है। सर्वेक्षण टीम ने लधियाघाटी के विभिन्न स्थानों पर सर्वेक्षण अभियान चलाकर तांबे और अन्य खनिजों के भंडार होने की संभावनाओं को तलाशा है।
टीम की ओर से क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र किए गए हैं। इन्हें परीक्षण के लिए देहरादून स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला परीक्षण में ताबे सहित अन्य खनिजों के होने की पुष्टि के बाद दूसरे चरण में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सर्वे टीम के लीडर सहायक भूगर्भशास्त्री डॉ. हरीश बिष्ट ने बताया कि प्रारंभिक सर्वेक्षण में घाटी क्षेत्र से लिए गए विभिन्न नमूनों में तांबा धातु के अयस्क ओरमेटाकाईट की प्रचुरता पाई गई है। इससे क्षेत्र में भूमिगत स्तर पर प्रर्याप्त मात्रा में तांबे की खदानें होने की संभावना है। लधियाघाटी क्षेत्र में करीब चार दशक पूर्व किए गए सर्वेक्षण में तांबे के साथ ही यूरेनियम और डीजल का भंडार होने की पुष्टि की गई थी, लेकिन तब किन्हीं कारणों से इनकी खोज के कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। संवाद
कोट
चंपावत जिले की लधियाघाटी क्षेत्र में विभिन्न खनिजों की संभावना को लेेकर किए सर्वे में एकत्र किए गए सैंपल को परीक्षण के लिए विभागीय प्रयोगशाला के साथ ही सर्वे ऑफ इंडिया की प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में पुष्टि के बाद दूसरे चरण का कार्य शुरू किया जाएगा। - डॉ. हरीश बिष्ट, सहायक भू वैज्ञानिक, चंपावत।
पीएमओ के संज्ञान लेने पर किया गया सर्वे
चंपावत। जिले के लधियाघाटी क्षेत्र में तांबे सहित अन्य खनिजों के लिए सर्वे का कार्य पीएमओ कार्यालय के संज्ञान लेने पर किया गया है। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों की ओर से लगातार पीएमओ से पत्राचार किया जाता रहा है। डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि सर्वे के लिए पीएमओ से निर्देश मिले थे, लेकिन तभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी हो गई थी। अब सर्वे कार्य पूरा हो गया है। संवाद