देवीधुरा में रमेश का शव मिलने के बाद उमड़ी क्षेत्रीय लोगों की भीड़।
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घर से गत 11 जनवरी से लापता भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष रमेश चम्याल की अज्ञात लोगों ने गला घोटकर हत्या कर दी। देवीधुरा के समीप स्थित वन विभाग रेंज कार्यालय के पास स्कबर में रविवार को रमेश का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई। एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने मृतक के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
देवीधुरा से लगे पखोटी गांव निवासी रमेश चम्याल उर्फ रामू चम्याल (33) पुत्र लाल सिंह चम्याल 11 जनवरी को घर से कहीं गए थे। मोबाइल बंद होने से परिजनों का उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। रविवार को अपने छोटे भाई रमेश की तलाश में निकले युवक कांग्रेस के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र संयोजक त्रिभुवन चम्याल को घर से करीब दो किलोमीटर दूर स्कबर में रमेश का शव पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पाटी के एसओ प्रेम विश्वकर्मा, एसडीएम निर्मला बिष्ट, एसपी धीरेंद्र गुुंज्याल, लोहाघाट के थानेदार बीएस बृजवाल मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए लोहाघाट भेज दिया गया। परिजनों के आग्रह पर डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ.आरपी खंडूरी व लोहाघाट सीएचसी के डॉ. मंजीत सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में गला घोंटने से हत्या होने और हाथ-पांव को बांधने के निशान का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में हत्या 12 से 18 घंटे पहले होने की बात कही गई है।
परिवार में कोहराम मचा
रमेश चम्याल का शव मिलने से उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। रमेश की पत्नी प्रेमा, पुत्री खुशी, मनीषा, बबीता और उनके पिता मां बाराही मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष लाल सिंह चम्याल, भाई त्रिभुवन गहरे सदमे में हैं। परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। रमेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई नंदन सिंह चम्याल लोहाघाट स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 36वीं वाहिनी में तैनात हैं। नंदन सिंह रविवार को सुबह अपनी बटालियन के साथ आसाम जाने वाले थे। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वह आसाम जाने का कार्यक्रम स्थगित कर घर पहुंच गए हैं।