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खनन के लिए खतरा बनता जा रहा है शारदा का बढ़ता जल स्तर

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शारदा में गांव की तरफ प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन कर ट्रक में खनिज भरते श्रमिक। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। शारदा में जलस्तर बढ़ने के खतरे के बीच खनन जारी रहने से खनन में लगे श्रमिकों और वाहनों के लिए खतरा हो गया है। इसे देखते हुए विभाग ने अपस्ट्रीम में चल वाहनों को डाउनस्ट्रीम में चलाने की छूट दी है। इसके बावजूद करीब सौ वाहन अब भी अपस्ट्रीम से खनिज निकासी कर रहे हैं।
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कोविड-19 महामारी से इस बार खनन को भी खासा प्रभावित किया है। बरसात शुरू होने से शारदा में 31 मई को खनन बंद हो गया था, लेकिन सरकार ने आठ जून से फिर खनन खोला है। जो 30 जून तक चलेगा। दोबारा शुरू हुए खनन के नौ दिनों में करीब 16 हजार से अधिक खनिज निकासी से 75 लाख रुपये का राजस्व आ चुका है, लेकिन अब पहाड़ों में बारिश से लगातार बढ़ता जलस्तर खनन के लिए खतरा बनता जा रहा है। पिछले दिनों अचानक जलस्तर बढ़ने से जहां अपस्ट्रीम में तीन वाहन फंस गए थे, वहीं डाउनस्ट्रीम में एक वाहन बह गया था। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि जलस्तर के खतरे को देखते हुए अपस्ट्रीम में चल रहे वाहनों को डाउनस्ट्रीम में चलने की छूट दी गई है। इसके लिए वाहन मालिकों को अनुभाग अधिकारी के पास आवेदन करने को कहा गया है। खनन प्रभारी का कहना है कि नदी के जलस्तर पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर ज्यादा बढ़ने पर खनन रोका जाएगा।
प्रतिबंधित क्षेत्र में रहे खनन, ग्रामीणों के विरोध पर विभाग से खदेड़ा
टनकपुर (चंपावत)। अपस्ट्रीम खनन क्षेत्र के जलमग्न होने से प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन होने लगा है। इससे आसपास के गांवों में कटाव का खतरा बढ़ रहा है। मंगलवार को ग्रामीणों के विरोध करने पर खनन विभाग ने ऐसे वाहनों को प्रतिबंधित क्षेत्र से खदेड़ा। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि अपस्ट्रीम में कुछ वाहनों में खनन क्षेत्र के बाहर से खनिज भरने की शिकायत मिली थी, जिस पर ऐसे वाहनों को वहां से भगा कर प्रतिबंधित क्षेत्र से खनिज भरने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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