विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने शुक्रवार को सामूहिक अवकाश लिया। कामबंद कर इन इंजीनियरों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। बाद में संगठन के जिलाध्यक्ष मुकुल सती और बीसी जोशी के नेतृत्व में प्रभारी डीएम जेएस राठौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
धरने में इंजीनियर ललित गौड़, बीबी पांडेय, मनोज कुमार, राजेश जोशी, ज्योति रावत, अनिल कुमार, अनिल सिंह, दीप कांडपाल, मनोज ओली, सुरेंद्र थापा, पवन बिष्ट, अनिल महर, आरके यादव, देवेश कुमार, बिजेंद्र सुयाल, अजय कुमार, कमलेश पंत आदि मौजूद थे। प्रोन्नत वेतनमान, अपर सहायक अभियंताओं के वेतन निर्धारण विसंगति को दूर करने, संविदा के बजाय स्थानीय नियुक्ति, दुर्गम और सीमांत भत्ता ग्रेड वेतन के बराबर देने, पेयजल निगम का राजकीयकरण सहित कुल 18 मांगों को लेकर महासंघ ने आवाज बुलंद की।
महासंघ ने बताया कि इंजीयिर प्रदेशभर में अब 27 नवंबर से तीन दिन तक अपने-अपने कार्यस्थलों पर बहिष्कार करेंगे। फिर भी सुनवाई नहीं होने पर पहली दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई।