भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय मार्ग खस्ता हाल हो गया है। जगह-जगह सड़क पर गड्ढे पड़ने से वाहन चलाना जोखिम भरा है। भारत-नेपाल के बीच आवाजाही करने वाले भारतीय, नेपाली नागरिकों के अलावा थर्ड कंट्री के पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय महत्व का भारत-नेपाल मार्ग खासा क्षतिग्रस्त हो गया है। एनएचपीसी गेट से शारदा बैराज तक सड़क जगह-जगह उधड़ चुकी है। स्थान-स्थान पर गड्ढे पड़ जाने से इस मार्ग पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। बता दें कि बनबसा और नेपाल के बीच आवाजाही को यही मार्ग वैधानिक भी है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी मार्ग से भारत नेपाल के बीच आवाजाही करते हैं। एसएसबी, कस्टम, इमिग्रेशन, क्वारनटाइन, पुलिस विभाग के अलावा शारदा हेडवर्क्स (यूपी सिंचाई विभाग) कर्मियों के लिए भी यह मार्ग लाइफ लाइन है।
शारदा हेडवर्क्स द्वारा मरम्मत के नाम पर इस मार्ग से गुजरने वाले भारतीय वाहनों से शुल्क भी वसूला जाता है। पूर्णागिरि मेले के दौरान यहां आने वाले भारतीय वाहनों से पार्किंग शुल्क भी लिया जाता है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि सड़क के जीर्णोद्धार का प्रपोजल यूपी सिंचाई विभाग को भेजा गया है। धन अवमुक्त होते ही मार्ग का जीर्णोद्घार कराया जाएगा।