चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए विधायक की कुर्सी छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी को इनाम मिला है। उपचुनाव में सीएम को 55025 वोटों से रिकार्ड जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले गहतोड़ी को उत्तराखंड वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। बृहस्पतिवार को सचिव नितेश कुमार झा ने इस नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। करीब 22 साल के उत्तराखंड में पांच विधायक मुख्यमंत्री के लिए सीट खाली कर चुके हैं। सीट खाली करने वाले सभी पांचों विधायक को बाद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। गहतोड़ी 2017 में 17360 वोटों से जीत पहली बार विधायक बने और फरवरी 2022 में 5304 वोटों से जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार चंपावत सीट पर काबिज हुए। वहीं 31 मई को हुए उपचुनाव में कुल पड़े वोटों का 92.62 प्रतिशत (62898 में से 58258 वोट) सीएम पुष्कर सिंह धामी को मिले।
मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने वालों को मिली जिम्मेदारी
वर्ष सीट छोड़ने वाले विधायक मिली जिम्मेदारी
2002 योगंबर सिंह रावत अध्यक्ष, उत्तराखंड वन विकास निगम
2007 टीपीएस रावत उपचुनाव में पौड़ी सीट से सांसद बने
2012 किरन मंडल अध्यक्ष, कुमाऊं मंडल विकास निगम
2014 हरीश धामी अध्यक्ष, उत्तराखंड वन विकास निगम
2022 कैलाश गहतोड़ी अध्यक्ष, उत्तराखंड वन विकास निगम
लालबत्ती मिलने पर चंपावत में मना जश्न
चंपावत। पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी को उत्तराखंड वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाने से भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। स्टेशन रोड पर आतिशबाजी हुई। वहां पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना, भाजपा मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी, वरिष्ठ नेता श्याम नारायण पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, एडवोकेट गौरव पांडेय, रवींद्र तड़ागी, पारस महर, सनी वर्मा, विकास गिरि, एनडी गड़कोटी, अमरनाथ सक्टा आदि थे।