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हाथी-घोड़ा-पालकी, जै कन्हैया लाल की...

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चंपावत के नागनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगी। इस दौरान मंदिरों में ‘हाथी-घोड़ा-पालकी, जै कन्हैया लाल की’ के घोष गूंजते रहे। मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उपवास रखकर श्रद्धालुओं का मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने का क्रम शुरू हो गया था। जिला मुख्यालय के बालेश्वर, नागनाथ, घटकू, डिप्टेश्वर, ताड़केश्वर, हिंगला देवी, मानेश्वर आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने सुरक्षित दूरी का पालन करते हुए पूजा की। कोविड-19 के कारण नागनाथ मंदिर में लगने वाले फूलडोल मेले को स्थगित कर दिया गया। श्रद्धालुओं की ओर से डोले की प्रतिष्ठा करते हुए उसे सजाया गया। इस मौके पर पुजारी तरुण रावल, ललित मोहन पांडेय, विकास साह, मोनू नाथ, मोहित पचौली, विनोद कुमार, संजय प्रहरी, मुक्तेश पचौली आदि रहे। लोहाघाट नगर के प्रसिद्ध शिवालय मंदिर में दूरी का पालन कर श्रद्धालुओं ने पूजा की। मंदिर में पूजा पाठ कराने के लिए विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु और पुरोहित पहुंचे हुए थे।
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बाराकोट, पाटी विकास खंडों में श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उपवास रखकर पूजा की। इस दौरान लोगों ने अपने बच्चों को कान्हां बनाकर सजाया संवारा गया था।
टनकपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर लोगों ने घरों में ही पूजा-अर्चना और आराधना की। मां पूर्णागिरि धाम में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्य पुजारी पं. भैरव दत्त पांडेय, मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय और प्रकाश चंद्र पांडेय के पुरोहित्य में भव्य आरती कर अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। इधर, शहर की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता मन्नू ने बताया कि कोरोना संकट की वजह से इस बार जन्माष्टमी पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द किए हैं।
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