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2015 में हुआ था एलान 2021 में मिल रही एंबुलेंस

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चंपावत। बाराकोट ब्लॉक के अलावा नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों के मरीजों को गणतंत्र दिवस पर सौगात मिलने जा रही है। जिले को छह साल बाद ही सही छह नई एंबुलेंस मिलेंगी। लचर स्वास्थ्य सुविधा वाले इन क्षेत्रों के लोगों के लिए एंबुलेंस मिलना किसी मुंह मांगी मुराद का पूरा होना जैसा है। नई एंबुलेंस की सेवा फरवरी से शुरू होगी।
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जिले का बाराकोट ब्लॉक बीते 12 साल से एक अदद आपात सेवा 108 की एंबुलेंस के लिए तरस रहा था। यहां तक कि 2015 में चंपावत जिले के दौरे पर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बाराकोट को 108 सेवा देने का एलान किया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हो सका। आकस्मिक जरूरत के समय बाराकोट के लोगों को 108 सेवा के लिए 17 किमी दूर लोहाघाट पर आश्रित रहना पड़ता था, जहां से एंबुलेंस पहुंचने में 35 मिनट लग जाते थे। बाराकोट की ब्लॉक प्रमुख विनीता फर्त्याल का कहना है कि अब बाराकोट को मिलने वाली 108 सेवा से ये परेशानी दूर हो जाएगी। बाराकोट के अलावा पंचेश्वर, तल्लादेश, चल्थी, चंपावत और घाट में ये एंबुलेंस फरवरी तक मिल जाएगी।
अस्पताल विहीन दो क्षेत्रों को भी मिलेगी एंबुलेंस
चंपावत जिले में कुल पांच एंबुलेंस थीं। चंपावत, टनकपुर, लोहाघाट, पाटी और रीठा साहिब में 108 सेवा की सुविधा मिलने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। एंबुलेंस में तत्काल इलाज मिलने के साथ निशुल्क अस्पताल पहुंचने से जिंदगी बचाने के अवसर भी बढ़ जाते हैं। अब छह नई एंबुलेंस मिलने से चंपावत जिले में 11 एंबुलेंस हो जाएगी। इनमें से दो एंबुलेंस ऐसी जगह भेजी गई है, जहां स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है, जबकि चार जगह स्वास्थ्य सेवा बस नाम भर की है।
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जिले में छह नई 108 सेवा की एंबुलेंस का प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। साथ ही इन एंबुलेंसों के संचालन के लिए चालक, इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियनों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है।
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- भास्कर शर्मा, जिला प्रबंधक, 108 सेवा, चंपावत।
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