दोपहिया और चौपहिया वाहनों की संख्या में बेहद तेजी से हो रहे इजाफे के कारण जिला मुख्यालय में हर दिन जाम की समस्या आम हो गई है। यातायात पुलिस की तैनाती के बाद भी मोटर स्टेशन की दशा नहीं बदल पा रही है। विशेषकर सुबह और शाम के समय तो सड़कों में जहां देखो वाहन ही वाहन नजर आते हैं, जिस कारण लोगों का सड़कों में पैदल चलना दूभर हो गया है। सर्वाधिक दिक्कत छोटे छोटे स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है।
हालांकि चंपावत जिला मुख्यालय का मोटर स्टेशन अन्य स्थानों की तुलना में काफी चौड़ा है। लेकिन मुख्यालय से होकर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की पार्किग बनाए जाने से जाम की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। पुलिस की ओर से निर्धारित की गई पार्किंग के अलावा अन्यत्र स्थानों में वाहनों के आड़े तिरछे खड़े कर दिए जाने से भी जाम लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। मोटर स्टेशन से पिथौरागढ़ रोड में जीआईसी चौक तक सड़क के दोनों ओर निजी वाहनों को खड़ा किए जाने से पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बचती है। पुलिस की ओर से समय समय पर चालान की कार्रवाई की जाती है तो कुछ दिन तक स्थिति ठीक रहती है। कुछ दिनों बाद फिर वही स्थिति हो जाती है।
बाइपास से भेजे जाएं डंपर और भारी वाहन
चंपावत। मुख्यालय के नागरिकों का कहना है कि मोटर स्टेशन में वाहनों का दबाव कम करने के लिए भारी वाहनों और दिन भर चलने वाले डंपरों को बाइपास मार्ग से भेजा जाना चाहिए। उनका कहना है कि जिन वाहनों का मुख्यालय में कोई काम न हो उन्हें वैकल्पिक मार्ग के जरिए नगर के बाहर से भेजा जाना चाहिए।