मैदान और पहाड़ को मिलाकर बने चंपावत जिले के लोग 25 फरवरी को पेश होने वाले रेल बजट की ओर नजर लगाए हैं। लोगों का मानना है कि रेल से बुनियादी ढांचे को मजबूूती मिलने के साथ यहां कारोबार और पर्यटन भी आगे बढ़ता। रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा पेश बजट में उन्हें उम्मीद है कि लंबे समय से लटकी टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को लेकर ठोस कदम उठाया जाएगा। इसे लेकर कई बार सर्वे हो चुका है। इसी तरह हल्द्वानी से श्रीरीठा साहिब तक की रेल लाइन को लेकर भी उम्मीद लोग लगा रहे हैं। इस लाइन को लेकर यहां के लोगों ने दिल्ली में ज्ञापन भी दिया है।
रेल से होगा चहुंमुखी विकास
टनकपुर-बागेश्वर रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष गंगा गिरि गोस्वामी का कहना है कि इस रेल मार्ग के बनने से पिछड़े पहाड़ को विकास के पंख लगेंगे। इससे चहुंमुखी विकास होगा। बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ कारोबार को गति मिलेगी।
खुलेगी नई राह
रेल संघर्ष समिति के नेता भवान सिंह परवाल का कहना है कि हल्द्वानी-श्रीरीठा साहिब रेल मार्ग बनने से पहाड़ के इस तीर्थस्थल का ही नहीं, लधिया घाटी और नैनीताल जिले के कई इलाकों में विकास की नई राह बनेंगी।
पहाड़ के विकास को मिलेगी गति
राज्य आंदोलनकारी दीपक मुरारी का कहना है कि रेल लाइन पहाड़ के विकास की बुनियाद को गति देगा। इसके मद्देनजर टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण और टनकपुर तक जल्द से जल्द बड़ी लाइन बनाया जाना जरूरी है।
छात्रों के लिए कम हो किराया
बनबसा। छात्रों को रेल बजट से खासी उमीदें हैं। रोजाना खटीमा जाने वाले छात्र निखिलेश का कहना है कि ट्रेन में सफाई व्यवस्था, सीटों के रखरखाव के साथ छात्रों को नि:शुल्क स्वच्छ पेयजल मुहैया किया जाना चाहिए। नए बजट में छात्रों के लिए किराए में कमी की जाए।
बैठने के इंतजाम ठीक हों
बनबसा। अक्सर ट्रेन से सफर करने वाले अफरोज का कहना है कि मुसाफिरों की पूर्ण सुरक्षा के साथ उनके बैठने के इंतजाम दुरुस्त किए जाने चाहिए। नए बजट में सवारियों की संख्या के अनुरूप डिब्बे बढ़ाने का प्रावधान रखा जाए। साधारण श्रेणी के मुसाफिरों के लिए किराए में बढ़ोतरी न की जाए।
बेहतर हो महिलाओं की सुरक्षा
बनबसा। रेल से लंबा सफर करने वाली ज्योति सिंह रेल भाड़ा न बढ़ने, यात्री डिब्बों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने, टायलेट और सीटों को स्तरीय बनाने के साथ महिलाओं की पूर्ण सुरक्षा की हिमायती हैं।
बेहतर हो यात्री सुविधा
बनबसा। मजदूर वर्ग के रामजी पांडेय का कहना है कि नए रेल बजट में किराए में वृद्धि न की जाए। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। लंबा सफर करने वालों को स्वच्छ पेयजल, सस्ता सात्विक भोजन दिया जाए। टायलेट और सीटों में सुधार किया जाए। रेलवे स्टेशन और डिब्बों में सफाई व्यवस्था में सुधार लाया जाए।
दिल्ली, देहरादून तक चलें ट्रेन
बनबसा। पूर्व सैनिक उत्तम चंद का मानना है कि रेल बजट में इस पिछड़े क्षेत्र पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। नेपाल सीमा से लगे बनबसा-टनकपुर के लोगों के लिए ट्रेनें बढ़ाई जानी चाहिए। टनकपुर से दिल्ली और टनकपुर से देहरादून तक की ट्रेन चलाई जाएं।
रेल किराए में बढ़ोतरी न हो
टनकपुर मंडी समिति के अध्यक्ष हरीश भट्ट का कहना है कि रेल बजट जन उपयोगी होना चाहिए। रेल किराए में बढ़ोतरी न हो। टनकपुर-बागेश्वर रेल पथ निर्माण को हरी झंडी देते हुए कुमाऊं के इस सीमांत को विशेष सौगात दी जाए।
दिल्ली-देहरादून के लिए टनकपुर से हो रेल
टनकपुर नगर उद्योग व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष सत्यप्रकाश गुप्ता का कहना है कि वर्तमान में टनकपुर से दिल्ली, देहरादून, अमृतसर आदि के लिए रेल सुविधा न होने से यात्रियों को खासी दिक्कत होती है। बजट में टनकपुर से महानगरों के लिए रेल सेवा के लिए प्रावधान होना चाहिए। इससे क्षेत्रवासियों को बेहतर सेवा मिलेगी।