ये वाकया अस्पताल के विरोधाभास और डॉक्टरों के काम करने के नजरिए को उजागर करता है। एक महिला डॉक्टर ने एक गर्भवती महिला को रेफर किया, वहीं दूसरे डॉक्टर ने मरीज को रि-एडमिट कर सफल प्रसव कराया।
जिला अस्पताल में बुधवार अपरान्ह करीब सात किलोमीटर दूर ललुवापानी गांव के राकेश बिनवाल की गर्भवती पत्नी हेमा को लाया गया। अस्पताल में ड्यूटी में तैनात महिला डॉक्टर ने महिला का परीक्षण किया और महिला की हालत देख रेफर कर दिया। गर्भवती को आपात चिकित्सा सेवा 108 के जरिए उच्च केंद्र में ले जाया जा रहा था। तभी अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डा.आरपी खंडूरी की अचानक नजर पड़ी।
उन्होंने तत्काल मामले की केस स्टडी कर गर्भवती को जिला अस्पताल में रि-एडमिट किया और डॉक्टर तथा सिस्टर अंशु मिश्रा के प्रयासों से सफल डिलीवरी हुई। डा.खंडूरी ने बताया कि शिशु और मां पूरी तरह स्वस्थ है और शिशु का वजन भी 3.5 किलोग्राम है। शिशु के माता-पिता का कहना है कि डा.आरपी खंडूरी के नजरिए और समर्पण के वे कायल हो गए हैं।