भिंगराड़ा राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों के लिए बने आवासों के बुरे हाल में हैं। बुरी तरह जीर्णशीर्ण आवास खंडहर में तब्दील हो गए हैं। मजबूरी में यहां के शिक्षक किराए के भवनों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों ने इन आवासों की मरम्मत करने के साथ ही नए आवासों के निर्माण की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के दौर के भिंगराड़ा जीआईसी परिसर के पास ही शिक्षकों के 10 आवासीय भवन बने हैं। लेकिन ये भवन एकदम जर्जर हाल में हैं। भवन का फर्श जगह-जगह से उखड़ा है। कई जगह से भवन की छत उड़ी हुई है। भवन में ऊंची घास उगी है। और ये आवास इस हाल में कतई नहीं है कि इसमें रहा जा सके। इन हालातों के बीच अध्यापक बाजार में किराए में रहने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य राजकुमार गुप्ता सहित तमाम शिक्षकों का कहना है कि भवन की दशा ठीक नहीं होने की वजह से वे भिंगराड़ा बाजार में किराए में रहते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति और स्थानीय जन प्रतिनिधियों द्वारा कई बार इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई है। लेकिन हालात फिर भी नहीं बदले। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश भट्ट, ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, पूर्व प्रधान गिरीश भट्ट सहित यहां के तमाम लोगों का कहना है कि आवासीय भवनों की तुरंत मरम्मत कराई जानी चाहिए। इसे लेकर जल्द ही एक शिष्टमंडल चंपावत में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
इनका कहना है
भिंगराड़ा जीआईसी के आवासीय भवन की खस्ताहालत को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी वे अपने स्तर से खंड शिक्षाधिकारी से मौका मुआयना करा जरूरी कार्यवाही के लिए कहेंगे।
दिलेर सिंह राजपूत,
जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक)
चंपावत।