यहां का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना डॉक्टर के चल रहा है। पिछले माह डा. नरेंद्र चंद के रिटायर्ड होने के बाद से अब तक यहां डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। बीमारों का इलाज स्वास्थ्य केंद्र के फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा है।
यहां की आठ ग्राम सभाओं की करीब 27 हजार की जनसंख्या को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने वाले अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले चार सप्ताह से डॉक्टर नहीं है। इस कारण यहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि गांव घरों के अलावा मजदूर वर्ग, रिक्शा, तांगा चालकों और अल्प वेतन भोगियों के लिए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कारगर साबित हो रहा था, लेकिन डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को खासी दिक्कतें हो रही है। वैसे भी बरसात में बीमारियों और संक्रमण के फैलने का खतरा बना रहता है।
इस समय अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मेसिस्ट तैनात है, एक महिला फार्मेसिस्ट अटैच है और दो ट्रेनी फार्मेसिस्ट भेजे गए हैं। एक सब स्टाफ और स्वच्छक तैनात है, लेकिन डॉक्टर नहीं होने से मरीजों ने इस अस्पताल से दूरी बना ली है। सीएमओ डा. डीएल शाह ने बताया कि यहां डॉक्टर की तैनाती को महानिदेशालय को लिखा गया है। निदेशालय से डॉक्टर भेजने तक बनबसा के लिए डॉक्टर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।