टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-जौलजीबी को पंचेश्वर डैम के पेंच निकालने के लिए लोनिवि पीआईयू ने डूब क्षेत्र में 30 किमी सिंगल और डूब क्षेत्र के बाहर 35 किमी डबल लेन रोड के पहले स्टेज के सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी किए हैं। सात फरवरी को टेंडर खुलेगा और उम्मीद है कि इसी साल के अंत तक काम शुरू हो जाएगा।
वर्तमान में टनकपुर से वाया पिथौरागढ़ होकर जौलजीबी की दूरी 215 किमी है। टनकपुर से काली नदी के किनारे की दूरी सर्वे में करीब 135 किलोमीटर है। सड़क बनने से दूरी तो 80 किमी तक कम तो होगी ही, कुछ ही घंटों में जौलजीबी और वहां से हिमालय छूने का सपना भी सच हो जाएगा। पहले चरण में टनकपुर से रुपालीगाड़ के बीच 265.11 करोड़ की लागत से 55 किमी डबल लेन सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। इस मार्ग पर चल्थी नदी पर 690 मीटर का पुल निर्माणाधीन है, जो अक्तूबर 2025 तक पूरा हो जाएगा।
लोनिवि परियोजना क्रियान्वयन इकाई के एएई भवान सिंह बिष्ट ने बताया कि अब विभाग की ओर से डूब क्षेत्र में पंचेश्वर से बलतड़ी तक 30 किलोमीटर मार्ग पर 1.15 करोड़ रुपये से सिंगल लेन के लिए सर्वे और डीपीआर बनाने के लिए टेंडर जारी हो चुका है। वहीं रुपालीगाड़ से पंचेश्वर तक करीब 35 किलोमीटर मार्ग में डूब क्षेत्र से बाहर डबल सड़क के लिए 1.98 करोड़ रुपये से सर्वे और डीपीआर की निविदा जारी हो गई है। भारत सरकार को डीपीआर भेजी जाएगी। सामरिक महत्व की सड़क होने पर जल्द धन स्वीकृत होने की उम्मीद जताई है। इससे सीमांत क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।