चंपावत जिला अस्पताल के पैथोलॉजी कक्ष का मुआयना करते डीएम। संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। रीठा साहिब के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की व्यवस्था तो हो गई लेकिन अब भिंगराड़ा अस्पताल के हालात बिगड़ गए हैं। यहां से डॉक्टर को रीठा साहिब भेजे जाने से भिंगराड़ा अस्पताल में ताले लटक गए हैं। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें इलाज के लिए 47 किमी दूर लोहाघाट जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। नाराज लोगों ने जल्द डॉक्टर की व्यवस्था नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रीठा साहिब के डॉ. मयंक डिमरी चारधाम यात्रा ड्यूटी में हैं। इस कारण भिंगराड़ा पीएचसी के डॉक्टर को रीठा साहिब भेजा गया। फार्मासिस्ट की पूर्णागिरि मेले में ड्यूटी लगी है। इस आदेश से रीठा साहिब अस्पताल तो सुचारु हुआ लेकिन भिंगराड़ा के अस्पताल में बुधवार से ताले लटक गए हैं।
अस्पताल बंद होने से मरीज मायूस लौट रहे हैं। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से भिंगराड़ा के लोगों की परेशानी बढ़ रही है। उमेश भट्ट, रमेश भट्ट, दीपक भट्ट, हरीश भट्ट, गिरीश भट्ट, सुरेश चंद्र, देवीदत्त, रमेश चंद्र, गौरव, भगीरथ, रेवाधर सहित तमाम ग्रामीणों ने तुरंत व्यवस्था सुचारु नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि भिंगराड़ा अस्पताल में डॉ. यश को भेजा जा रहा है।
जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था में हो सुधार
चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था में सुधार के डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को अस्पताल के निरीक्षण के बाद उन्होंने ये हिदायत दी। प्रदेश के कई हिस्सों में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर उन्होंने अस्पताल में कोरोना से बचाव की सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। आमतौर पर मरीज इलाज से संतुष्ट नजर आए। डीएम ने पैथोलॉजी, दवा कक्ष सहित अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल और जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। डीएम के दौरे में एसडीएम अनिल कुमार चन्याल भी साथ थे।