पाटी विकासखंड के सबसे बड़े अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मरीजों का इलाज अब 15 किमी दूर देवीधुरा राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी (एसएडी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह करेंगे।
उन्हें डॉक्टरविहीन पाटी अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन सेवाएं देनी होंगी। ये आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी ने दिए हैं। अमर उजाला ने पाटी में चार में से एक भी डॉक्टर के नहीं होने की खबर को 22 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
पाटी अस्पताल में 18 सितंबर से एक भी डॉक्टर नहीं है। अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित चारों डॉक्टरों के प्रशिक्षण या अवकाश पर जाने की वजह से अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। एकमात्र फार्मेसिस्ट प्रकाश खड़ायत दवा बांटने से लेकर मरीजों का इलाज तक कर रहे थे।
अब सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने देवीधुरा अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी को सप्ताह में तीन दिन पाटी में सेवा देने के आदेश दिए हैं। इस आदेश से पाटी को तो आंशिक रूप से इलाज की सुविधा मिल जाएगी लेकिन देवीधुरा के लोग सप्ताह में तीन दिन बगैर डॉक्टर के हो जाएंगे।
पाटी विकासखंड में अस्पताल छह, डॉक्टर एक
चंपावत। पाटी विकासखंड में सरकारी अस्पतालों की कमी नहीं है। इस विकासखंड में छह (पाटी, देवीधुरा, रीठा साहिब, भिंगराड़ा, टांण और खेतीखान) अस्पताल हैं लेकिन इस वक्त इनमें सिर्फ देवीधुरा में एकमात्र डॉक्टर हैं। खेतीखान के एसएडी में लोहाघाट के डॉक्टर को संबद्ध किया गया है। टांण में डॉक्टर तो है लेकिन वहां के चिकित्सक को लोहाघाट संबद्ध किया गया है।
लोहाघाट अस्पताल में जुलाई से टिटनेस के इंजेक्शन नहीं
लोहाघाट (चंपावत)। एक तरफ आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के जरिए पांच लाख रुपये सालाना निशुल्क इलाज दिया जा रहा है। वहीं यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के नाम पर टिटनेस जैसा मामूली इंजेक्शन भी नहीं है। लोगों को यह इंजेक्शन लगवाने के लिए निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
लोहे या किसी धातु से लगी चोट के बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगाया जाता है। बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण की रोकथाम के लिए टिटनेस का टीका लगाया जाता है। लोहाघाट अस्पताल में टिटनेस जैसा बेहद सामान्य इंजेक्शन भी जुलाई से नहीं है।
सीएमएस डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि जिला औषधि भंडार में टिटनेस के इंजेक्शन नहीं होने से अस्पताल में इसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि लोहाघाट अस्पताल को टिटनेस के इंजेक्शन को चिकित्सा प्रबंधन कोष से खरीदना चाहिए।
मशीन लगी लेकिन शुरू नहीं हो पा रहा एक्सरे
लोहाघाट (चंपावत)। सितंबर 2018 से एक्सरे की सुविधा की कमी से जूझ रहे लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे मशीन लगने के बावजूद एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। पाटी से एक्सरे मशीन को 14 सितंबर को लोहाघाट अस्पताल में लगा दिया गया लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी ये मशीन एक्सरे करने की स्थिति में नहीं है।
लोग निजी अस्पतालों से महंगा एक्सरे कराने को मजबूर हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि एक्सरे प्लेट और रिएजेंट (प्लेट को धोने वाला) मंगाया गया है। इसके आते ही एक्सरे परीक्षण शुरू हो जाएंगे।